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“पीएम मोदी की ऐसी क्रूरता देखकर दुख होता है”, पहलवानों के मुद्दे पर भड़के Rahul Gandhi

कर्तव्य पथ पर फोगट का एक वीडियो साझा करते हुए, राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा, “देश की हर बेटी के लिए, आत्म-सम्मान पहले आता है, कोई भी अन्य पदक या सम्मान उसके बाद आता है.”

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर पहलवान विनेश फोगाट के खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार छोड़ने को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पीएम देश के संरक्षक हैं और उनकी ओर से “ऐसी क्रूरता” देखकर दुख होता है.

राहुल गांधी का हमला कई विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता फोगाट द्वारा अपने खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार लौटाने के एक दिन बाद आया है. बता दें कि खिलाड़ियों ने पीएम कार्यालय पहुंचने से रोकने के बाद अपने अवार्ड कर्तव्य पथ के बीच छोड़ दिया था.

संजय सिंह का विरोध कर रहे हैं पहलवान

फोगाट ने ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया के साथ मिलकर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी सहयोगी संजय सिंह के चुनाव का विरोध किया था.जाने-माने पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

यह भी पढ़ें: पहलवान विनेश फोगाट ने कर्तव्य पथ पर छोड़ा अर्जुन अवॉर्ड, वापसी के लिए जा रहीं थीं PMO, पुलिस ने बीच रास्ते रोका

राहुल ने एक्स पोस्ट में क्या लिखा?

कर्तव्य पथ पर फोगट का एक वीडियो साझा करते हुए, राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा, “देश की हर बेटी के लिए, आत्म-सम्मान पहले आता है, कोई भी अन्य पदक या सम्मान उसके बाद आता है.” क्या एक ‘घोषित बाहुबली’ से मिले ‘राजनीतिक लाभ’ की कीमत इन बहादुर बेटियों के आंसुओं से भी ज़्यादा हो गई है? पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, प्रधानमंत्री देश के संरक्षक हैं, उनकी ओर से ऐसी क्रूरता देखकर दुख होता है.

मंगलवार को फोगाट ने अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार सरकार को लौटाने का फैसला करते हुए कहा था कि ऐसे समय में ऐसे सम्मान निरर्थक हो गए हैं जब पहलवान न्याय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. फोगाट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने फैसले की घोषणा की थी.शनिवार को उन्होंने अपने पुरस्कार लौटाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें पीएमओ तक पहुंचने से रोक दिया. विरोध के निशान के रूप में, उन्होंने कर्तव्य पथ पर पुरस्कार छोड़ दिए और बाद में उन्हें दिल्ली पुलिस ने उठा लिया.

-भारत एक्सप्रेस



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