Bharat Express DD Free Dish

55,000 किमी ट्रैक नवीनीकरण से मजबूत हुआ रेलवे नेटवर्क, सफर हुआ तेज और सुरक्षित- पीएमओ

भारतीय रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण ने देश में तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद रेल नेटवर्क विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

भारतीय रेलवे ट्रैक का आधुनिकीकरण देश में तेज और भरोसेमंद रेल नेटवर्क तैयार करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है. ट्रैक रिन्यूअल, एडवांस टेस्टिंग और मशीनों के जरिए रखरखाव से ट्रेन की रफ्तार बढ़ी है और सफर पहले से ज्यादा सुगम हो गया है. इन सुधारों से देरी कम हो रही है और यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई की बढ़ती मांग को भी बेहतर तरीके से पूरा किया जा रहा है. यह जानकारी गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दी.

पोस्ट में नीचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक मीडिया लेख का लिंक शेयर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भारत के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिकीकरण ने सुरक्षा और गति को मजबूत किया है.

वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनों को मिला बढ़ावा

भारतीय रेलवे ने 2014 से अब तक उन्नत निरीक्षण तकनीकों, मशीनीकृत रखरखाव और उन्नयन के माध्यम से लगभग 55,000 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया है, जिससे वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी तेज सेवाओं को बढ़ावा मिला है. यह सब हाल के वर्षों में निरंतर रेल परिवर्तन प्रयासों का हिस्सा है.

इसके अलावा, 80,000 किलोमीटर से ज्यादा मजबूत 60 किलो के रेल लगाए गए हैं, जो भारी लोड और तेज रफ्तार को संभालने में सक्षम हैं.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लेख में बताया कि भारत में प्रतिदिन 25,000 से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं, जो हर दिन 2 करोड़ से अधिक यात्रियों को यात्रा कराती हैं. इसके साथ ही बड़ी मात्रा में कोयला, लोहा, अनाज, स्टील और सीमेंट जैसी वस्तुओं की ढुलाई भी इसी नेटवर्क के जरिए होती है. इस पूरे सिस्टम की नींव रेलवे ट्रैक ही है. अगर ट्रैक अच्छी स्थिति में हो तो ट्रेनें तेज और सुरक्षित चलती हैं, लेकिन खराब ट्रैक की वजह से देरी और हादसों का खतरा बढ़ जाता है.

उन्होंने आगे कहा कि ट्रैक की अहमियत को समझते हुए भारतीय रेलवे ने करीब एक दशक पहले बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू किया था, जिसमें आधुनिक मशीनों से ट्रैक बदलना, एडवांस तकनीक से जांच, मशीन-आधारित मेंटेनेंस और सुरक्षा के लिए फेंसिंग जैसे कदम शामिल थे. इन प्रयासों से रेलवे नेटवर्क की स्थिति में साफ सुधार देखा गया है.

रेल और वेल्ड फेल होने की घटनाओं में 90% तक कमी

रेल मंत्री ने यह भी कहा कि मजबूत ट्रैक के साथ-साथ समय रहते खामियों का पता लगाना भी जरूरी है. इसके लिए अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (यूएसएफडी) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके जरिए लाखों किलोमीटर ट्रैक और करोड़ों वेल्ड की जांच की गई है. इस तकनीक से ट्रैक के अंदर छिपी दरारों का पता पहले ही चल जाता है, जिसके चलते रेल और वेल्ड फेल होने के मामलों में करीब 90 प्रतिशत तक कमी आई है.

ये भी पढ़ें- बंगाल में ‘छप्पा वोट’ के दिन लदे! कूचबिहार में पोलिंग बूथ पर दबंगई कर रहे थे TMC कार्यकर्ता, CRPF ने दौड़ा-दौड़ा कर लतियाया

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read