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रायसीना डायलॉग का पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 110 देश ले रहे हिस्सा; क्यों है यह खास?

पीएम मोदी आज नई दिल्ली में 11वें रायसीना डायलॉग का उद्घाटन करेंगे। 110 देशों के 2700 प्रतिनिधि, फिनलैंड के राष्ट्रपति और ‘संस्कार’ थीम पर आधारित इस सम्मेलन की पूरी डिटेल पढ़ें

Raisina Dialogue 2026 PM Modi

भारत की राजधानी दिल्ली आज से वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) और भू-अर्थशास्त्र (Geo-economics) का केंद्र बनने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम रायसीना डायलॉग के 11वें संस्करण का भव्य उद्घाटन करेंगे. 5 से 7 मार्च तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में दुनिया के 110 देशों के प्रतिनिधि जुट रहे हैं, जो मौजूदा वैश्विक संकटों और भविष्य की चुनौतियों पर मंथन करेंगे.

फिनलैंड के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि

इस साल उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब हैं. वे उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण (Keynote Address) देंगे. गौरतलब है कि फिनलैंड की नाटो (NATO) सदस्यता और यूरोप के बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच उनकी मौजूदगी सामरिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है.

क्या है इसकी थीम?

रायसीना डायलॉग 2026 की थीम ‘संस्कार’-दावा, समायोजन, उन्नति’ रखी गई है. इस थीम के जरिए भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि संघर्षों के बीच भी किस तरह तालमेल बिठाकर प्रगति की ओर बढ़ा जा सकता है. सम्मेलन के छह मुख्य स्तंभों में निम्नलिखित पर विशेष जोर रहेगा.

  • पावर और पोलारिटी: बदलती वैश्विक शक्तियों के बीच संतुलन
  • क्लाइमेट और टेक्नोलॉजी: जलवायु परिवर्तन और ‘टेक्नोपोलर’ दुनिया की चुनौतियां
  • व्यापार और लचीलापन: टैरिफ के दौर में वैश्विक व्यापार और आर्थिक सुरक्षा

110 देश और 2,700 दिग्गज

इस सम्मेलन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें लगभग 110 देशों के 2,700 से अधिक प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं. भूटान, श्रीलंका, मॉरीशस, सेशेल्स और माल्टा जैसे देशों के विदेश मंत्री पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं. सम्मेलन में पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, सांसद, सैन्य कमांडर और उद्योग जगत के बड़े नाम शामिल होंगे.

क्यों खास है रायसीना डायलॉग 2026?

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया इजरायल-ईरान युद्ध और यूक्रेन संकट जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है. भारत इस मंच का उपयोग अपनी ‘विश्व मित्र’ की छवि को मजबूत करने और ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप को दुनिया के सामने रखने के लिए करेगा. रायसीना डायलॉग अब सिंगापुर के ‘शांगरी-ला डायलॉग’ और जर्मनी के ‘म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन’ की तर्ज पर दुनिया के शीर्ष रणनीतिक मंचों में शुमार हो चुका है.

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ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और विदेश मंत्रालय के इस साझा प्रयास से भारत एक बार फिर वैश्विक विमर्श (Global Narrative) तय करने की भूमिका में है. यह डायलॉग केवल चर्चा का मंच नहीं है, बल्कि यह उभरती हुई ‘न्यू वर्ल्ड ऑर्डर’ में भारत की बढ़ती धमक का प्रमाण भी है.



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