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1000 फीट ऊंचाई पर 575 साल पहले बना यह सबसे बड़ा ‘चौथ माता मंदिर’, दर्शन के लिए चढ़नी पड़ती हैं 700 सीढ़ियां

Chauth Mata Mandir Sawai Madhopur: राजस्थान के सवाई माधोपुर में स्थित देश का सबसे बड़ा चौथ माता मंदिर 575 साल पुराना है. 1000 फीट ऊंचे पहाड़ पर बसे इस मंदिर में 700 सीढ़ियां हैं

Chauth Mata Mandir Sawai Madhopur

Chauth Mata Mandir Sawai Madhopur

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Chauth Mata Mandir Sawai Madhopur: राजस्थान अपनी वीरता, महलों और प्राचीन लोक आस्था के केंद्रों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. इसी पावन मरुभूमि के सवाई माधोपुर जिले में स्थित है ‘चौथ का बरवाड़ा’ कस्बा, जो देश भर में सुहागिन महिलाओं की अटूट आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है. इसी कस्बे में अरावली पर्वतमाला की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच लगभग 1000 फीट की ऊंचाई पर देश का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध ‘चौथ माता मंदिर’ स्थापित है. यह ऐतिहासिक मंदिर करीब 575 साल पुराना है. मान्यता है कि यहां आकर माता के दर्शन करने से वैवाहिक जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं और महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है.

महाराजा भीमसिंह ने की थी मंदिर की स्थापना

इतिहास के पन्नों को पलटें तो इस भव्य मंदिर की स्थापना साल 1451 में बरवाड़ा के तत्कालीन राजा महाराजा भीमसिंह चौहान ने की थी. पौराणिक लोक मान्यताओं के अनुसार, राजा भीमसिंह को माता ने सपने में दर्शन देकर अपनी मूर्ति को प्रकट करने का मार्ग बताया था. इसके बाद राजा ने विधि-विधान के साथ माघ कृष्ण चतुर्थी के दिन पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी पर इस मंदिर की नींव रखी और माता की दिव्य प्रतिमा को वहां स्थापित कराया. मंदिर परिसर में मुख्य रूप से चौथ माता के साथ-साथ भगवान श्री गणेश और भैरव जी की भी बेहद प्राचीन और चमत्कारी मूर्तियां विराजमान हैं.

भक्तों के संकल्प की परीक्षा लेती हैं 700 सीढ़ियां

पहाड़ की ऊंची चोटी पर स्थित होने के कारण इस अलौकिक मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 700 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. चढ़ाई थोड़ी कठिन जरूर है, लेकिन चारों तरफ फैली अरावली की हरियाली और माता के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं की थकान पल भर में दूर हो जाती है. हालांकि, बुजुर्गों और दिव्यांग भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा यहां सुगम रास्ते और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि हर कोई आसानी से माता के दरबार में हाजिरी लगा सके.

करवा चौथ और माघ महीने में उमड़ता है जनसैलाब

यूं तो सालभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन कार्तिक मास में आने वाले ‘करवा चौथ’ के त्योहार पर इस मंदिर की रौनक देखते ही बनती है. इस दौरान देश के कोने- कोने से लाखों नवविवाहित जोड़े और सुहागिन महिलाएं माता के चरणों में गठजोड़ धोकने (मन्नत मांगने) और अपने पति की लंबी आयु की प्रार्थना करने आती हैं. इसके अलावा, हर साल माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (तिल चौथ) पर यहां एक विशाल और ऐतिहासिक पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें राजस्थान सहित मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली से लाखों की तादाद में श्रद्धालु शिरकत करते हैं.

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पर्यटन और बॉलीवुड का नया केंद्र बना बरवाड़ा

समय के साथ यह ऐतिहासिक धार्मिक स्थल अब ग्लोबल टूरिज्म मैप पर भी अपनी एक खास पहचान बना चुका है. इसी मंदिर की तलहटी में स्थित प्राचीन ‘बरवाड़ा किला’ अब एक बेहद आलीशान सिक्स सेंसेस हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुका है, जहां साल 2021 में बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शाही शादी हुई थी. इसके बाद से इस पूरे क्षेत्र में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन कई गुना बढ़ गया है. सवाई माधोपुर आने वाले पर्यटक रणथंभौर नेशनल पार्क में टाइगर सफारी का आनंद लेने के साथ-साथ माता के इस भव्य दरबार में शीश झुकाना कभी नहीं भूलते.

भारत एक्सप्रेस



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