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IAS-IPS कपल पर गिरी गाज, 40 विला-कॉटेज मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई

Rajasthan News: राजस्थान के चर्चित 40 विला-कॉटेज मामले में IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर को APO कर दिया गया है. IAS शिखर अग्रवाल पहले ही APO किए जा चुके हैं.

Major action in the 40 villa-cottage case

40 विला-कॉटेज मामले में बड़ा एक्शन

राजस्थान में IAS और IPS अधिकारियों से जुड़े 40 विला-कॉटेज मामले ने अब प्रशासनिक गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है. सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ IPS अधिकारी डॉ. प्रशाखा माथुर को APO (Awaiting Posting Orders) कर दिया है. कार्मिक विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं. इससे पहले उनके पति और IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को भी APO किया जा चुका है. उधर, पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के स्तर पर जारी है और खरीद-बिक्री से लेकर लीज व्यवस्था तक हर पहलू को खंगाला जा रहा है.

ढाई साल में खरीदी गईं 40 संपत्तियां

जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी डॉ. प्रशाखा माथुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने करीब ढाई वर्षों के भीतर उदयपुर और अलवर में कुल 40 विला और कॉटेज खरीदे. इन सभी संपत्तियों का संयुक्त मूल्य 6 करोड़ 16 लाख 50 हजार रुपये बताया गया है. इतनी बड़ी संख्या में कम समय के भीतर संपत्ति खरीदने को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.

उदयपुर और अलवर में हुई खरीदारी

जानकारी के अनुसार सितंबर 2023 में परिवार ने उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 कॉटेज अपने नाम कराए थे. इसके बाद मार्च 2026 में अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित उसी समूह के अनंता रिसॉर्ट में 20 विला खरीदे गए. बताया गया है कि दोनों जगह की संपत्तियां गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से ली गई थीं. इसी लेन-देन को लेकर अब जांच एजेंसियां दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं.

खरीदने के बाद उसी कंपनी को दी गई लीज

इस मामले का सबसे चर्चित पहलू यह है कि जिन संपत्तियों को परिवार ने खरीदा, बाद में उन्हें उसी कंपनी को लीज पर दिए जाने के दस्तावेज भी पंजीकृत कराए गए. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उदयपुर के हर कॉटेज के लिए सालाना 4 लाख रुपये और अलवर के प्रत्येक विला के लिए 5 लाख रुपये की लीज राशि तय की गई थी. इस व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं.

हर साल 1.80 करोड़ रुपये मिलने का दावा

अगर तय लीज रकम के आधार पर गणना की जाए तो उदयपुर के 20 कॉटेज से सालाना 80 लाख रुपये की आमदनी बनती है. वहीं अलवर के 20 विला से हर वर्ष 1 करोड़ रुपये प्राप्त होने का दावा किया गया है. इस तरह सभी 40 संपत्तियों से कुल 1 करोड़ 80 लाख रुपये सालाना आय होने की बात सामने आई है.

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जांच के घेरे में IPR में दर्ज जानकारी

संपत्तियों की रजिस्ट्री शिखर अग्रवाल, प्रशाखा माथुर, उनकी सास मंजुला और ससुर रघुवंश नारायण माथुर के नाम पर कराई गई थी. इसके अलावा दोनों बेटों के नाम पर भी रजिस्ट्रेशन कराया गया, जिसके लिए प्रशाखा माथुर ने पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग किया था. बताया जा रहा है कि शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर के नाम कुल 28 विला-कॉटेज दर्ज हैं. वहीं IPR में दी गई जानकारी को लेकर भी सवाल उठे हैं. शिखर अग्रवाल ने 7 जनवरी 2026 को दाखिल अपने IPR में 14 संपत्तियों का विवरण दिया था, जबकि प्रशाखा माथुर ने 8 जनवरी 2026 को जमा किए गए IPR में कोई संपत्ति दर्ज नहीं की थी. अब ACB संपत्तियों की खरीद, वास्तविक कीमत, लीज समझौते और आय के स्रोतों सहित पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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