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झालवाड़ा सरकारी स्कूल गिरने के मामले में नया खुलासा, बच्चे लगाते रहे गुहार लेकिन टीचर ने लगा दी थी बाहर से कुंडी

Jhalawar News: बताया जा रहा है कि जब छत गिर रही थी, तो बच्चे क्लास में पढ़ा रही टीचर को बताया कि मैडम कंकड़ गिर रहा है, लेकिन उस टीचर ने उनकी एक ना सुनी. उसने उन्हें डांटते हुए चुपचाप बैठने को कहा और क्लास में कुंडी लगा दी.

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Jhalawar News: राजस्थान के झालवाड़ा जिले के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल गिरने से 8 बच्चों की मौत हो गई. इस मामले में अब नया खुलासा हुआ है.

बताया जा रहा है कि जब छत गिर रही थी, तो बच्चे क्लास में पढ़ा रही टीचर को बताया कि मैडम कंकड़ गिर रहा है, लेकिन उस टीचर ने उनकी एक ना सुनी. उसने उन्हें डांटते हुए चुपचाप बैठने को कहा और क्लास में कुंडी लगा दी.

Jhalawar News – टीचर ने नहीं खोली क्लास की कुंडी

हादसा होने के बाद जब गांव वाले मौके पर पहुंचे तो उन्होंने क्लास की कुंडी खोली. हादसे के बाद भी टीचर ने कुंडी नहीं खोली थी. ये बातें उस पीड़ित परिवार की महिला ने मीडिया को बताया जिसके बच्चे ने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी.

अधिकारियों ने नहीं सुनी ग्रामीणों की गुहार

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल का भवन जर्जर हो चुका था. इसको लेकर ग्रामीण कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके थे, लेकिन अधिकारी उनकी बातों को अनसुना कर दिया. जिसकी वजह से ये हादसा हुआ.

Jhalawar News- टीचर ने डांट कर बच्चों को कर दिया क्लास के अंदर

हादसे के बाद बच्चों को मलबे से निकालने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले ग्रामीण बनवारी ने बताया कि, जब भवन गिरने वाला था. उससे पहले छत से कंकड़-पत्थर गिर रहे थे. बच्चे डर के मारे क्लास से बाहर भाग रहे थे. तो टीचर ने उन्हें डांटकर अंदर कर दिया. जिसके बाद स्कूल की छत गिर गई. जिसमें सारे बच्चे दब गए.

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उन्होंने मीडिया को बताया कि स्कूल भवन से पानी टपक रहा था. जिसको लेकर ग्रामीणों ने टीचरों से शिकायत की थी. लेकिन उन्होंने उस शिकायत को आगे नहीं बढ़ाया जिसकी वजह से ये हादसा हुआ.

200-200 रुपये इकट्ठा कर लो, नई छत डलवा दूंगा

ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि जब उन लोगों ने अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी, तो उन्होंने अपने स्तर पर मरम्मत कराने के लिये कहा था. जिसके बाद स्कूल के टीचरों ने ग्रामीणों से कहा, प्रति परिवार 200-200 रुपये इकट्ठा कर, स्कूल के लिए नई छत डलवा दी जाएगी.

गांव के किसी भी घर में नहीं जला चूल्हा

स्कूल के हादसे के बाद पूरे गांव में गमगीन माहौल है. बताया जा रहा है कि शुक्रवार को किसी भी ग्रामीण के घर चूल्हा नहीं जला, केवल बच्चों के लिए अधिकारियों ने भोजन का प्रबंध किया था.

– भारत एक्सप्रेस



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