Rajasthan JJM Scam: राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े कथित घोटाले की जांच अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार कार्रवाई कर रहा है और सोमवार को इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया. पूर्व पीएचईडी मंत्री महेश जोशी और कथित बिचौलिए संजय बड़ाया को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया, जहां लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अलग-अलग फैसले दिए.
कोर्ट ने महेश जोशी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि संजय बड़ाया को तीन दिन के लिए एसीबी रिमांड पर सौंपा गया है. जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिनकी टेंडर प्रक्रिया और कथित पैसों के लेनदेन को लेकर गहराई से जांच जरूरी है.
एसीबी क्यों चाहती थी दोनों को साथ बैठाकर पूछताछ?
एसीबी ने अदालत से मांग की थी that महेश जोशी की तीन दिन और संजय बड़ाया की पांच दिन की रिमांड दी जाए. एजेंसी का तर्क था कि दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं. जांचकर्ताओं को शक है कि टेंडर दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों और कथित कमीशन नेटवर्क का इस्तेमाल हुआ.
हालांकि कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद महेश जोशी को जेल भेजने का फैसला किया और सिर्फ संजय बड़ाया की तीन दिन की रिमांड मंजूर की.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जल जीवन मिशन के तहत जारी हुए करीब 900 से 960 करोड़ रुपये के टेंडरों से जुड़ा है. आरोप है कि कुछ कंपनियों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और नकली कम्प्लीशन सर्टिफिकेट लगाकर करोड़ों के ठेके हासिल किए गए.
बताया जा रहा है कि कुछ कंपनियों ने IRCON के नाम से फर्जी दस्तावेज लगाए थे. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स मिल गए. एसीबी का दावा है कि यह सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी नहीं बल्कि सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है.
इस मामले में पहले भी कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है. रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल समेत कई इंजीनियर और विभागीय अफसर गिरफ्तार किए जा चुके हैं. दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी अपने स्तर पर मनी ट्रेल और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहा है.
दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया संजय बड़ाया
संजय बड़ाया को देर रात दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था. जानकारी के मुताबिक वह थाईलैंड से लौट रहा था. एसीबी को शक है कि वह इस पूरे नेटवर्क में संपर्क सूत्र और कथित बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था.
अब जांच एजेंसी उससे यह जानने की कोशिश करेगी कि आखिर टेंडर प्रक्रिया में किस स्तर पर सेटिंग हुई, पैसे कहां से आए और किन लोगों तक पहुंचे. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पूछताछ से कई और नाम सामने आ सकते हैं.
कोर्ट में क्या बोले महेश जोशी?
कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान महेश जोशी ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि एसीबी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आखिर में “सत्य और न्याय की जीत होगी.”
जोशी ने यह भी सवाल उठाया कि संजय बड़ाया अदालत की अनुमति लेकर विदेश गया था, फिर उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की क्या जरूरत थी. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में भावुक माहौल भी देखने को मिला. संजय बड़ाया की पत्नी वहां मौजूद थीं और पेशी के दौरान बड़ाया भी काफी तनाव में नजर आया. मीडिया और परिवार के लोगों के सामने वह भावुक दिखाई दिया.
राजनीति में भी मचा घमासान
इस पूरे मामले ने राजस्थान की राजनीति को गर्मा दिया है. कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं भाजपा का कहना है कि पिछली सरकार के दौरान बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ और अब कानून अपना काम कर रहा है. भाजपा नेताओं का दावा है कि चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है.
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