रिपोर्ट-नेमिष अग्रवाल
Rajnandgaon IPL betting racket busted: आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सट्टेबाजी के एक बड़े साम्राज्य का भंडाफोड़ हुआ है. बसंतपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान मोहारा बजरंग नगर स्थित एक आलीशान फार्महाउस पर धावा बोला, जहां हाईटेक उपकरणों के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा था. पुलिस की इस कार्रवाई ने सट्टा बाजार में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यहां से न केवल नगदी बल्कि सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक गैजेट्स भी बरामद किए गए हैं.
फार्महाउस बना था सट्टे का कंट्रोल रूम
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक फार्महाउस को आईपीएल सट्टे के ‘कंट्रोल रूम’ में तब्दील कर दिया गया है. जब पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. आरोपी लैपटॉप, टैब और कई मोबाइल फोनों के जरिए हर गेंद और हर ओवर पर लाखों रुपये का दांव लगवा रहे थे. सट्टा ऐप और विशिष्ट कोड वर्ड के जरिए हार-जीत का पूरा हिसाब-किताब डिजिटल तरीके से रखा जा रहा था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके.
लाखों का माल बरामद, 5 सटोरिए गिरफ्तार
इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 2 हाई-एंड लैपटॉप, 1 डिजिटल टैब, 7 महंगे स्मार्टफोन और एक मोटरसाइकिल जब्त की है. जब्त किए गए सामान और सट्टे की कुल वैल्यू करीब 5 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है. पुलिस ने मौके से 5 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो सट्टे का पूरा नेटवर्क संभाल रहे थे. हालांकि, गिरोह के 2 अन्य सदस्य पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.

आईटी एक्ट और संगठित अपराध की धाराएं
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केवल जुआ एक्ट ही नहीं, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता की संगठित अपराध (Organized Crime) से जुड़ी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस का मानना है कि यह गिरोह किसी बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है. गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खंगाली जा रही है ताकि सट्टे की इस चैन में शामिल ‘बड़े खिलाड़ियों’ तक पहुंचा जा सके.
सट्टेबाजों पर पुलिस की ‘पैनी नजर’
राजनांदगांव पुलिस ने साफ कर दिया है कि आईपीएल सीजन के दौरान अवैध सट्टा कारोबार और जुए के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी. साइबर सेल की एक विशेष टीम लगातार सट्टा एप्स और संदिग्ध बैंक खातों पर नजर रख रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है, आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अवैध कारोबार की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दें.
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-भारत एक्सप्रेस
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