Rajyasabha: नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने राज्यसभा में मणिपुर माल एवं सेवा कर द्वितीय संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि कांग्रेस राज्य में उग्रवाद एवं प्रवासियों की संख्या में वृद्धि के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस क्षेत्र में शांति बहाल कर रही है एवं कांग्रेस सरकार के समय से चली आ रही अराजकता पर अंकुश लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
Rajyasabha में डॉ दिनेश शर्मा ने रखा पक्ष
राज्यसभा में बिल पर सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर द्वितीय संशोधन विधेयक केंद्र एवं राज्य सरकार के कानून के बीच में तालमेल बनाने का माध्यम बनेगा। यह विधेयक मणिपुर में कर प्रशासन को बिना किसी रुकावट के अपना काम करने में मदद देगा। इसके आने से मणिपुर राज्य के कानून
जीएसटी के अनुरूप लागू होंगे। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में उच्च जोखिम वाले सामान के लिए डिजिटल निगरानी की ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली लागू की जाएगी । इसका पालन नहीं करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ एक लाख रुपए का आर्थिक जुर्माना अथवा देय कर का 10 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, लगाया जा सकता है। इसमें ऐसी व्यवस्था की गई है, जिससे इनपुट क्रेडिट टैक्स को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो सकेगा। ईमानदार व्यापारियों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए अपील की प्रक्रिया सरल कर दी गई है।
आतंकी घटनाओं में आई 82 प्रतिशत कमी
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के संबंध में कर प्रणाली को और अधिक स्पष्टता प्रदान की गईर् है तथा दोहरे कराधान से बचाव के भी उपाय किए गए हैं। (Rajyasabha)
उन्होंने कहा कि ऐसे में समय में जब मणिपुर अशांति की स्थिति से बाहर आ रहा है, उस समय में अध्यादेश को बदलकर उसके अंतर्गत सभी कार्रवाई को वैध बनाकर मोदी सरकार निर्बाध राजस्व संग्रह एवं प्रवासन को सुनिश्चित कर रही है। प्रशासन तंत्र को स्थिर रखा जा रहा है, जिससे कि राज्य में शांति निर्माण को मजबूती मिल सके। सरकार के उपायों का परिणाम है कि आतंकी घटनाओं में 82 प्रतिशत की कमी आई है। विधेयक के प्रावधान इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि मणिपुर वित्तीय रूप से तैयार एवं संस्थागत रूप से लचीला बना रहे जिससे शांति एवं विकास की नींव मजबूत हो सके।
मोदी सरकार की नीतियों से हो रहा है आर्थिक विकास
सांसद ने कहा कि देश विधेयक की ट्रैक एवं ट्रेस व्यवस्था राज्य में आतंकवाद पर नकेल कसने का काम करेगी। कांग्रेस की सरकारों के समय में व्यवस्थागत खामियों के चलते राज्य में अवैध अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला था, लेकिन मोदी सरकार ने तकनीक के सहयोग से इस अवैध अर्थव्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। इससे नकली बिलिंग और तस्करी का भी तुरंत पता चल सकेगा। मोदी सरकार ने मणिपुर में सड़कों एवं पुलों के निर्माण के लिए 12,391 करोड़ रुपए आवंटित किए एवं 1026 किमी से अधिक लंबी 50 राष्ट्रीय राज्यमार्गों को मंजूरी दी है। कांग्रेस सरकार की खामियों को दूर करने के लिए मोदी सरकार जीएसटी ढांचे को भी सुधार रही है। (Rajyasabha)
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश प्रगति की ओर
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो परिवर्तन आए हैं, उसमें न्याय अब केवल धनी लोगों के लिए आरक्षित नहीं रह गया है। पहले छोटे व्यापारियों को दंड के आदेशों का विरोध करने के लिए अग्रिम जमा राशि तक देनी पड़ती थी, लेकिन अब धारा 107 एवं 112 में संशोधन करके दंड संबंधी अपीलों के लिए अग्रिम जमा राशि को 10 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। ये सभी उपाय राज्य में स्थिरता एवं सम्मान बहाल करने के लिए किए गए हैं।
सुरक्षा तंत्र को किया गया मजबूत
राजस्व संबंधी खामियों को भी दूर किया गया है। आधुनिकीकरण के जरिये एक लचीली डिजिटल प्रणाली बनाई जा रही है। राजस्व स्राव के रास्ते बंद किए जा रहे हैं, जिससे कि राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि मणिपुर में कर प्रशासन और मजबूत सामाजिक सुरक्षा बेहद अहम है। सरकार सार्वजनिक सेवाओं का विस्तार कर रही है। शिक्षा, खेल एवं कला के लिए 507 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। राज्य में कानून व्यवस्था बहाल करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नागरिक सुरक्षा के लिए 10 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। जबकि पूर्व कांग्रेस सरकार के रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने माना था कि कांग्रेस सरकार में सीमा सुरक्षा की उपेक्षा की गई थी। मोदी सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत किया है और 1500 किमी की सीमा पर बाड़ लगाने की परियोजना को मंजूरी मिली है, पुलिस व्यवस्था के लिए 100 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
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