Vice President Election: रविवार (17 अगस्त) को एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार की भी चर्चा तेज हो गई है. सुत्रों की मानें तो डीएमके के राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा (Tiruchi Siva) को इंडिया ब्लॉक उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुन सकता है.

विपक्ष का यह एक रणनीतिक कदम है जिससे आगामी चुनाव में तमिलनाडु के सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) का मुकाबला अपने राज्य के ही एक अन्य नेता से होगा और क्षेत्रीय राजनीति की बाधा को भी साधा जा सकेगा. हालांकि, आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है. इसके लिए विपक्षी दल सोमवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर अपने उम्मीदवार पर फैसला लेने के लिए बैठक करेंगे.
सूत्रों ने अनुसार, तिरुचि शिवा को उम्मीदवार चुनने से विपक्ष को क्षेत्रीय राजनीति की पेचीदगियों से निपटने में मदद मिल सकती है. कई ऐसे कारण हैं जो तमिलनाडु के इस सांसद के पक्ष में जा सकते हैं.
दक्षिण की पार्टियों का मिल सकता है समर्थन
तमिलनाडु से होने के कारण एनडीए के दक्षिण की ओर बढ़ते प्रयासों को झटका लगेगा और अगर वह अंततः विपक्ष का चेहरा बनते हैं, तो दक्षिण की पार्टियों का समर्थन भी उन्हें मिलेगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे डीएमके दुविधा में नहीं रहेगी. वे अपने ही किसी उम्मीदवार का समर्थन करने से पहले दो बार नहीं सोचेंगे.
हालांकि, डीएमके पहले ही कह चुकी है कि वह केवल इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार का समर्थन करेगी. डीएमके के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने सीपी राधाकृष्णन की एनडीए उम्मीदवारी को “चुनावी प्रचार” करार दिया था और कहा था कि किसी तमिल को मैदान में उतारना “तमिलनाडु समर्थक” होने के समान नहीं है.
उन्होंने मीडिया से कहा, “किसी तमिल को आगे करना तमिलनाडु समर्थक नहीं है. अन्यथा, भाजपा तमिलनाडु के खिलाफ है. वे उचित फंड नहीं दे रहे हैं. वे तमिलनाडु का हर तरह से समर्थन नहीं कर रहे हैं. भाजपा तमिलनाडु की समृद्धि नहीं चाहती.”
सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना लगभग तय
बता दें कि 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ का इस्तीफा देने के बाद उपराष्ट्रपति के लिए समय से पहले चुनाव हो रहे हैं. जगदीप धनखड़ का उपराष्ट्रपति के तौर पर कार्यकाल 10 अगस्त, 2027 तक था. नए उपराष्ट्रपति के लिए 9 सितंबर को चुनाव होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे.
लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर टोटल 782 सासंदों को वोट डालना है, जिसमें बहुमत के लिए 392 वोट चाहिए. फिलहाल एनडीए के पास 427 सासंद हैं और इंडिया के पास 355 सांसद. ऐसे में सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा है. बता दें कि चुनाव तभी होंगे जब उपराष्ट्रपति पद के लिए एक से ज्यादा उम्मीदवार होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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