Ram Mandir CEO Interview: अयोध्या के भव्य राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद को लेकर छिड़ी रेस अब अपने सबसे दिलचस्प मोर्चे पर पहुंच गई है. दरअसल मंगलवार को राम जन्मभूमि परिसर के तीर्थ यात्री कक्ष में जब बड़े-बड़े पूर्व IAS, IPS और सेना के रिटायर्ड अफसर CEO बनने का सपना लेकर पहुंचे, तो उनके सामने प्रशासनिक ज्ञान से ज्यादा उनकी धार्मिक आस्था और पर्सनल लाइफ का ‘लिटमस टेस्ट’ रख दिया गया.
बता दे कि चयन समिति ने उम्मीदवारों से सीधे पूछ डाला कि-“क्या आप शराब पीते हैं?, जनेऊ धारण करते हैं?, क्या कट्टर हिंदू हैं और शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं?” अफसरों के इंटरव्यू का यह अनोखा अंदाज अब सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक खूब सुर्खियां बटोर रहा है.
5200 में से छंटकर आए 8 ‘सुरमा'(Ram Mandir CEO Interview)
जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर के CEO बनने की होड़ में देश भर से करीब 5,200 लोगों ने अर्जी डाली थी. जिसमें से ट्रस्ट ने पहले राउंड में 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया, जिसके बाद मंगलवार को आमने-सामने के इंटरव्यू राउंड में केवल 8 दिग्गज ही पहुंचे.
इनमें 3 पूर्व IAS अफसर, 1 पूर्व IPS अफसर और 4 पूर्व सैन्य अधिकारीयों के नाम शामिल हैं. वहीं बता दें कि सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस मैराथन इंटरव्यू में हर उम्मीदवार का 25 से 30 मिनट तक कड़ा इम्तिहान लिया गया.
गूगल फॉर्म के 34 प्वाइंट्स देखकर हर कोई हैरान
इंटरव्यू के कमरे में घुसने से पहले सभी उम्मीदवारों के हाथ में 34 प्वाइंट्स वाला एक विशेष गूगल फॉर्म थमाया गया. इसमें जो सवाल पूछे गए थे, वे किसी प्रशासनिक परीक्षा में आमतौर पर नहीं दिखते, आईए जानते हैं वो कुछ खास हैरान कर देने वाले सवाल:
“क्या आप जनेऊ पहनते हैं और शिखा (चोटी) रखते हैं?”
“क्या आप शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी खाना भी खाते हैं?”
“क्या शराब का सेवन करते हैं या इससे बिल्कुल दूर रहते हैं?”
“क्या आप सनातन परंपरा के अनुसार वस्त्र पहनने में सहज महसूस करेंगे?”
“क्या आप खुद को एक ‘कट्टर हिंदू’ मानते हैं?”
विजन पर भी चला सवालों का हंटर
चयन समिति ने सिर्फ धार्मिक आदतों पर ही बात नहीं की बल्कि उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव और क्षमता को भी कसा. अफसरों से पूछा गया कि उन्होंने अपने करियर में कितनी बड़ी भीड़ को संभाला है, लॉ एंड ऑर्डर का उनका अनुभव कैसा रहा है और राम मंदिर की व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए उनके पास क्या रोडमैप और विजन है.
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2 सितंबर को नाम पर लगेगी फाइनल मुहर
बताते चलें CEO के चयन के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे की एक हाई-लेवल चयन समिति बनाई गई है. यह समिति 2 सितंबर से पहले 3 फाइनल नाम ट्रस्ट को सौंपेगी. ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि नया CEO वही बनेगा जिसकी उम्र 50 से 70 साल के बीच हो, जो पूरी तरह शाकाहारी हो, शराब से दूर रहता हो और सनातन मर्यादाओं का चुस्त-दुरुस्त पालन करता हो.
-भारत एक्सप्रेस
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