Babulal Marandi On Ranchi jail
रिपोर्ट- मधुकर आनंद
Babulal Marandi On Ranchi jail: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के एक पत्र ने झारखंड की राजनीति में तूफान ला दिया है. इस पत्र में बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को लिखा है कि कैसे रांची बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में एक महिला को जेल अधीक्षक ने पहले गर्भवती कर दिया, और बाद में उसका गर्भपात कराया. बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में जेल अधीक्षक समेत कई बड़े अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया है. बाबूलाल के आरोप के बाद पूरी बीजेपी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हो गई है.
मरांडी ने दावा किया है कि जेल में तैनात अधीक्षक चंद्रशेखर ने एक महिला को कथित तौर पर गर्भवती कर दिया और बाद में उसका गर्भपात भी कराया गया. इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने जेल प्रशासन और कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. आरोप सामने आते ही झारखंड की राजनीति गरमा गई है और भाजपा ने इसे लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
जेल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्य आरोपी जेल अधीक्षक चंद्रशेखर के खिलाफ पहले भी कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं. पार्टी प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई पुराने मामलों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह घटना जेल प्रशासन की कार्यशैली और अधिकारियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
हालांकि इस मामले में जेल प्रशासन के अधिकांश अधिकारी कैमरे पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए. दूसरी ओर, चूंकि जेल विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है, इसलिए इस विवाद पर प्रतिक्रिया देने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा सामने आई. पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार पाण्डेय ने इस मुद्दे पर बयान दिया, लेकिन भाजपा ने उनके बयान को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा करती नजर आई.
मामले को हल्के में ले रही जेएमएम
भाजपा का आरोप है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस गंभीर मामले को हल्के में लेने की कोशिश कर रही है. पार्टी प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर यह बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है, जो बेहद चिंताजनक है.
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भाजपा ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. साथ ही जेल अधीक्षक चंद्रशेखर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की भी मांग उठाई गई है. पार्टी ने यह भी कहा है कि वह इस पूरे मामले को लेकर महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएगी ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके.
-भारत एक्सप्रेस
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