Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के एक प्राइवेट अस्पताल ‘राज हॉस्पिटल’ में पैर की चोट का इलाज कराने आए एक मरीज की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने लापरवाही की हदें पार कर दीं, पैर की चोट के बहाने भर्ती किया और बाद में सिर में इंफेक्शन बताकर मरीज को आईसीयू में डाल दिया. जब मरीज की मौत हो गई तो अस्पताल ने परिजनों के हाथ में 16 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया.
परिवाजनों का आरोप
दरअसल, रांची के प्राइवेट अस्पताल ‘राज हॉस्पिटल’ में एक शख्स पैर की चोट का इलाज कराने आता है. अस्पताल पहुंचने पर उसे यह कहकर भर्ती कर लिया जाता है कि उसके सिर में इंफेक्शन है और उसे ICU में शिफ्ट कर दिया जाता है. जब मरीज की मौत हो गई तो अस्पताल वालों ने शख्स के परिजनों के हाथों में 16 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया. इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा और अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया.
सीएम ने खुद लिया संज्ञान
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मामला बढ़ते देख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इसका संज्ञान लिया. सीएम ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री को मामले की तुरंत जांच करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. सीएम के निर्देश के बाद जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर दी गई है.
सिर्फ पैर नहीं, पूरे शरीर में थीं गंभीर चोटें: अस्पताल
दूसरी ओर, राज अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. अस्पताल का कहना है कि मरीज को 24 मई को सड़क हादसे के बाद बेहद नाजुक हालत में लाया गया था. उसे सिर्फ पैर में नहीं, बल्कि सिर के अंदर ब्लीडिंग, रीढ़ की हड्डी और फेफड़ों में गंभीर चोटें थीं.
डॉक्टरों के अनुसार, मरीज के बाएं पैर में इंफेक्शन इतना फैल चुका था कि खून का दौरा बंद हो गया था. डॉक्टरों ने जान बचाने के लिए पैर काटने की सलाह भी दी थी, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए.
फिलहाल अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि सच क्या है यह जांच के बाद ही पता चलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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