Ranchi Student Protest Update: झारखंड की राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस वक्त प्रदेश की भावी राजनीति और युवाओं के भविष्य का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ अभ्यर्थियों का आंदोलन आज अपने 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है.
भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती परीक्षा और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. आंदोलन के समर्थन में स्थानीय विधायक जयराम महतो ने भी निर्जला अनशन का ऐलान कर दिया है, जिससे सरकार पर दबाव और गहरा गया है. सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच अब तक हुई दो दौर की वार्ता बेनतीजा रही है, जिसके बाद आज दोपहर 12 बजे तीसरे दौर की बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है.
आइए, इस ऐतिहासिक छात्र आंदोलन की 21 जुलाई से शुरू हुई उथल-पुथल की पूरी टाइमलाइन के जरिए समझते हैं कि 16 दिनों में अब तक क्या-क्या हुआ?
JPSC आंदोलन: कब, क्या और कैसे हुआ?
- 21 जुलाई: भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की शिकायत पर सीआईडी (CID) की टीम ने जेपीएससी (JPSC) दफ्तर में छापेमारी की. उप परीक्षा नियंत्रक समेत 8 लोगों को हिरासत में लिया गया और जेपीएससी चेयरमैन ने इस्तीफा दे दिया.
- 22 जुलाई: जेपीएससी चेयरमैन एल. ख्यांगते का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. इसके साथ ही सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (Mains) समेत 9 अन्य परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं.
- 23 जुलाई: मुद्दे पर राजनीति गरमाई. बीजेपी कार्यालय का घेराव करने पहुंची कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी भिड़ंत हुई, जिससे दो घंटे तक भारी हंगामा रहा.
- 24 जुलाई: जेपीएससी और जेएसएससी में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने संगठित होकर औपचारिक रूप से आंदोलन का शंखनाद किया.
- 28 जुलाई: प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से छात्रों के आंदोलन का केंद्र मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से बदलकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम शिफ्ट किया गया.
- 29 जुलाई: ‘जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच’ के बैनर तले हजारों युवाओं ने एकजुट होकर ‘संविधान यात्रा’ निकाली.
- 30 जुलाई: भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों ने विशाल विरोध प्रदर्शन किया.
- 31 जुलाई: शांतिपूर्ण आंदोलन को धार देने के लिए अभ्यर्थी न्याय मंच ने शहर में भव्य कैंडल मार्च निकाला.
- 1 अगस्त: सरकार की चुप्पी के विरोध में अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया और मांगों को लेकर रणनीति सख्त की.
- 2 अगस्त: छात्रों ने हाथों में मशालें और मांग से भरी तख्तियां लेकर पैदल मार्च निकाला.
- 3 अगस्त: भर्ती तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के विरोध में अनोखा ‘फ्लैश लाइट मार्च’ निकाला गया.
- 4 अगस्त: आंदोलनकारी छात्रों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अनुशासित मार्च निकाला.
- 5 अगस्त: बढ़ते दबाव के बीच सरकार हरकत में आई और वार्ता के लिए 4 मंत्रियों की कमेटी बनाई. मुख्यमंत्री ने छात्रों को बातचीत का न्योता दिया.
- 6 अगस्त: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से दूरभाष पर जल ग्रहण करने की भावुक अपील की.
- 7 अगस्त: विधानसभा मार्च के दौरान आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर कुछ लोगों ने स्याही फेंकी. इसी दिन छात्र प्रतिनिधिमंडल की मंत्रियों की कमेटी के साथ पहली वार्ता हुई.
- 8 अगस्त: सरकार और छात्रों के बीच दूसरे दौर की मैराथन वार्ता हुई, लेकिन कोई सहमति न बनने के कारण वार्ता बेनतीजा रही.
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सरकार से मुलाकात: कितनी बनी बात?
दो दौर की बैठकों के बेनतीजा रहने के बाद भी छात्र अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. आज 16वें दिन दोपहर 12 बजे तीसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है. एक तरफ जहाँ छात्र अपनी 14वीं JPSC PT परीक्षा को रद्द करने और निष्पक्ष जांच पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ विधायक जयराम महतो का छात्रों के समर्थन में निर्जला अनशन की घोषणा ने आंदोलन को एक नए राजनीतिक मोड़ पर खड़ा कर दिया है.
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