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किसे मिलेगी टैक्स छूट? कल राज्यसभा में सीतारमण पेश करेंगी 2 बड़े बिल

Rajya Sabha Taxation Laws Amendment Bill: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को राज्यसभा में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज अमेंडमेंट बिल 2026’ और ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल’ पेश करेंगी. लोकसभा से पास हो चुके इन विधेयकों से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, विदेशी निवेश और डिजिटल बैंकिंग साक्ष्यों के नियम बदलेंगे.

Monsoon Session Rajya Sabha Taxation Laws Amendment Bill Nirmala Sitharaman

Rajya Sabha Taxation Laws Amendment Bill: लोकसभा में ध्वनि मत से पारित होने के बाद अब सोमवार को राज्यसभा में मोदी सरकार के दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने जा रहे हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उच्च सदन में ‘कर और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026’ (Taxation and Other Laws Amendment Bill) और ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल’ (Bankers’ Books Evidence Bill) को विचार और पारित कराने के लिए रखेंगी. ये दोनों बिल देश की अर्थव्यवस्था, विदेशी निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े कदम माने जा रहे हैं.

टैक्सेशन बिल 2026 (Rajya Sabha India tax reforms 2026)

यह नया कर संशोधन विधेयक 2026 के अध्यादेश की जगह लेगा. वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों के बीच घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए यह बिल लाया गया है. इसके तहत

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग: लैपटॉप, टैबलेट, सर्वर, वियरेबल्स और संबंधित एक्सेसरीज बनाने वाली कंपनियों को दी जाने वाली टैक्स छूट की समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2041 तक कर दिया गया है.

विदेशी निवेशक (FIIs): सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों को ब्याज और कैपिटल गेंस पर नई टैक्स छूट का प्रस्ताव है.

हीरा व्यापार: विशेष अधिसूचित क्षेत्रों के माध्यम से रफ डायमंड की बिक्री करने वाली विदेशी हीरा खनन कंपनियों को 2041 तक टैक्स छूट मिलेगी.

1891 के पुराने कानून का अंत (Rajya Sabha latest news)

दूसरा महत्वपूर्ण बिल ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल’ है, जो ब्रिटिश काल के 1891 के पुराने कानून की जगह लेगा. डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में अब बैंकों के इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल और क्लाउड-बेस्ड रिकॉर्ड्स को अदालतों में कानूनी रूप से वैध साक्ष्य (Evidence) माना जाएगा. इससे कोर्ट में मूल कागजात पेश करने की बाध्यता खत्म होगी और डिजिटल साक्ष्यों के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया मानकीकृत होगी.

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डिजिटल पेमेंट पर नहीं लगेगा चार्ज (Rajya Sabha Monsoon Session)

इसके अलावा, टैक्सेशन बिल के माध्यम से भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 में संशोधन करके केंद्र सरकार को यह अधिकार दिया जाएगा कि वह ऐसे डिजिटल पेमेंट मोड्स को अधिसूचित करे, जिन पर बैंक कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूल सकेंगे. विपक्षी हंगामे के बीच लोकसभा से पारित होने के बाद अब सोमवार को राज्यसभा में इन दोनों प्रमुख आर्थिक विधेयकों पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी.



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