समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की याचिका पर सुनवाई करते हुए सेंशन कोर्ट को छह महीने के भीतर निपटारा करने आदेश दिया है. यह मामला 2008 में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. रास्ते में छजलैट इलाके में वाहन को चेक करने के लिए पुलिस ने रोक लिया, जिसको लेकर विवाद हो गया और प्रदर्शन शुरू हो गया.
कोर्ट ने दो-दो हजार रुपये का लगाया जुर्माना
इस दौरान गुस्सा होकर सपा नेता आजम खान सड़क पर बैठ गए थे. वहीं आजम खान और उनके साथियों पर सड़क जाम करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने, भीड़ को उकसाने सहित कई धाराओं के तहत पुलिस ने आजम खान, अब्दुल्ला आजम और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. वर्ष 2013 को निचली अदालत ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी. दोनों पर कोर्ट ने दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था.
इस मामले में आजम खान सहित 9 समाजवादी पार्टी के नेता आरोपी थे. हालांकि कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला खान को छोड़ कर बाकी सभी सातों को सबूत के आभाव में बरी कर दिया था. बरी होने वालों में बिजनौर के सपा नेता मनोज पारस, सपा नेता डीपी यादव, सपा नेता राजेश यादव, अमरोहा के सपा विधायक महबूब अली और पूर्व सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी शामिल है.
-भारत एक्सप्रेस
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