आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामले को ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. यह याचिका रेड्डी की अगुवाई वाली वाईएसआर कांग्रेस के सांसद रघु रामकृष्ण राजू ने दायर की थी. याचिकाकर्ता ने मौजूदा राज्य मशीनरी मुकदमें की कार्यवाही में देरी करके सीएम रेड्डी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया गया था.
अभी तक तय नहीं हुआ आरोप
याचिका में जगहमोहन रेड्डी के खिलाफ चल रहे मामले की सुनवाई आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बाहर ट्रांसफर करने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि हाई कोर्ट के फैसले को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी नही दी है. याचिकाकर्ता की माने तो मुकदमा चलते 11 साल हो गए लेकिन अभी तक आरोप तक तय नहीं हुआ है.
जगमोहन रेड्डी पर लगे कई आरोप
याचिका में कहा गया था कि अवैध रूप से और अन्यायपूर्ण तरीके से 40,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के बाद जिस तरह से आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य मशीनरी का उपयोग किया है, उससे याचिकाकर्ता को काफी तकलीफ हुई है. 2019 में मुख्यमंत्री बने जगमोहन रेड्डी पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, बेईमानी, संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करना, रिश्वत लेना, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


