Junior Doctor Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले रेप और हत्या मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने पुलिस के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. इन अधिकारियों पर जांच में लापरवाही और प्रशासनिक चूक के गंभीर आरोप लगे हैं. जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स के जरिए दी.
इस मामले में पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, तत्कालीन डीसीपी अभिषेक गुप्ता और डीसीपी इंदिरा मुखर्जी को निलंबित कर दिया गया है. इन अधिकारियों पर जांच में लापरवाही करने, सबूतों के साथ छेड़छाड़ होने देने, पीड़िता के परिवार को पैसे की मांग करने और बिना अनुमति के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
किसे निलंबित किया गया है?
आरजी कर रेप और हत्या केस में लापरवाही बरतने के आरोप में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल समेत डीसीपी अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखर्जी को सस्पेंड कर दिया गया है. इन अधिकारियों पर जांच में ढिलाई बरतने, परिवार को पैसे की पेशकश करने और प्रशासनिक चूक के गंभीर आरोप हैं.
क्यों निलंबित किया गया?
इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने केस की शुरुआती जांच को सही तरीके से हैंडल नहीं किया. उन पर प्रशासनिक लापरवाही, जांच में गंभीर चूक, और बिना अनुमति के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जैसे आरोप लगे हैं. साथ ही, यह दावा भी किया गया है कि इन अधिकारियों ने पीड़िता के परिवार को कथित तौर पर पैसे की पेशकश की थी, जिससे पुलिस की भूमिका संदिग्ध हो गई थी.
मामला क्या है?
यह पूरा विवाद अगस्त 2024 में शुरू हुआ था, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सेमिनार हॉल में एक जूनियर डॉक्टर का शव मिला था. जांच में पता चला कि डॉक्टर के साथ बर्बरतापूर्ण बलात्कार और हत्या की गई थी. इस घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन हुए थे. वर्तमान में इस मुख्य मामले की जांच सीबीआई (CBI) द्वारा की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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