भारत और पाकिस्तान के बीच कभी चलने वाली समझौता एक्सप्रेस आज भी पाकिस्तान के वाघा स्टेशन पर खड़ी है. ट्रेन का नंबर 14607 है और इसके 11 डिब्बे अब भी वहीं पड़े हैं. यह ट्रेन भारत के अटारी से पाकिस्तान के लाहौर तक चलती थी लेकिन 2019 में इसे अचानक रोक दिया गया.
आर्टिकल 370 हटने के बाद बंद हुई सेवा
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ प्रतिक्रिया देते हुए इस ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया. पहले यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन चलती थी और वाघा से अटारी तक तीन किलोमीटर का सफर तय करती थी. पाकिस्तान के ड्राइवर और गार्ड ने इसे सीमा पार ले जाने से इनकार कर दिया और इंजन हटाकर डिब्बों को वहीं छोड़ दिया.
वाघा स्टेशन पर खड़े डिब्बे
आज भी वाघा स्टेशन पर भारत के 11 डिब्बे मौजूद हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेन के डिब्बे भारत के थे जबकि इंजन पाकिस्तान का होता था. जब सेवा बंद की गई तो इंजन वापस ले जाया गया और भारतीय डिब्बे वहीं रह गए.
समझौता एक्सप्रेस का इतिहास
भारत-पाक विभाजन से पहले अटारी और लाहौर के बीच ट्रेनें चलती थीं. आजादी के बाद यह सेवा बंद हो गई. 1976 में शिमला समझौते के बाद समझौता एक्सप्रेस को फिर शुरू किया गया. 1994 से इसे लाहौर से अटारी तक चलाया जाने लगा. कई बार दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने पर इस ट्रेन को रोका गया.
2019 के बाद से स्थायी रोक
2019 में पाकिस्तान ने इसे हमेशा के लिए बंद कर दिया. तब से भारतीय ट्रेन के डिब्बे वाघा स्टेशन पर खड़े हैं और यह भारत-पाक संबंधों में आई खटास की एक प्रतीक बन गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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