देशभक्ति से भरे एक प्रतिष्ठित परिवार का बेटा आज एक साल से विदेश में हिरासत में है. हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली के भाई रिटायर मेजर विक्रांत जेटली की जो फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कैद हैं. सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक सेना अधिकारी जो देश की सेवा कर चुका है वो आज विदेशी जमीन पर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है.
विक्रांत जेटली का सैन्य परिवार
विक्रांत जेटली का परिवार सेना से बहुत पहले से जुड़ा रहा है. उनके पिता कर्नल विक्रम जेटली ने 1971 की जंग में हिस्सा लिया था और घायल होने के बावजूद मोर्चे पर डटे रहे. उनके साथियों ने उन्हें ‘टाइगर’ नाम दिया था. वहीं उनके नाना कर्नल ई फ्रांसिस ने द्वितीय विश्व युद्ध में बर्मा में जापानी सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. सेलिना जेटली ने एक तस्वीर भी शेयर की थी जिसमें उनके नाना लेफ्टिनेंट कर्नल अयूब खान के साथ नजर आ रहे थे जो बाद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने.
विक्रांत का सैन्य और व्यावसायिक जीवन
विक्रांत खुद भी सेना की 3 पैरा स्पेशल फोर्सेज से रिटायर हैं. उन्होंने TES (Technical Entry Scheme) के तहत सेना ज्वाइन की थी. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने UAE में माटीती ग्रुप नाम की कंपनी में CEO के तौर पर काम करना शुरू किया जो ट्रेडिंग, कंसल्टेंसी और रिस्क मैनेजमेंट से जुड़ी है.
सितंबर 2024 से विक्रांत UAE में हिरासत
सितंबर 2024 से विक्रांत UAE में हिरासत में हैं. उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप हैं. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन पर कौन-से आरोप लगे हैं. UAE में राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में राजनीतिक असहमति, साइबर क्राइम, जासूसी और संगठित अपराध जैसे विषय शामिल होते हैं.
दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर
सेलिना जेटली ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने अपने भाई के लिए प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व की मांग की है. कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है और कहा है कि अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी. कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह विक्रांत की कानूनी और कल्याणकारी स्थिति की जानकारी जल्द से जल्द जुटाए.
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भारतीय प्रवासियों की चुनौतियां
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन लाखों भारतीयों का है जो खाड़ी देशों में काम करते हैं. UAE में 35 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं और भारत-UAE के बीच सालाना 85 अरब डॉलर का व्यापार होता है. इसके बावजूद जब कोई संवेदनशील मामला सामने आता है तो वाणिज्य दूतावास की प्रतिक्रिया धीमी रहती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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