Shahdol Ganja Smuggling: अनिल पांडे/शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में 13-14 अप्रैल की दरमियानी रात एक सड़क हादसा हुआ था, जिसने पुलिस को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नशा नेटवर्क की दहलीज पर लाकर खड़ा कर दिया. कमता कॉलेज तिराहे के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर पलट गई थी. मौके पर जब पुलिस पहुंची, तो गाड़ी से करीब 5 किलो गांजा बरामद हुआ, लेकिन कार सवार गायब थे. अगली सुबह पास के ही एक सुनसान कुएं से तीन युवकों- रोहित शर्मा, तनुज शुक्ला और सचिन सिंह बघेल के शव मिलने से सनसनी फैल गई.
अंधेरा, पुलिस का डर और दर्दनाक मौत
शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये तीनों युवक उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप लेकर आ रहे थे. पुलिस की घेराबंदी और पकड़े जाने के डर से भागते समय अंधेरे में इन्हें रास्ते का अंदाजा नहीं रहा और ये तीनों सीधे कुएं में जा गिरे, जहां डूबने से इनकी मौत हो गई. हालांकि, इस गिरोह के दो अन्य सदस्य, शंकर विश्वकर्मा और हीरा सिंह, मौके से भारी मात्रा में गांजा लेकर फरार होने में कामयाब रहे थे.
दो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने अपनी तफ्तीश तेज की और फरार आरोपियों का पीछा करते हुए शंकर विश्वकर्मा और हीरा सिंह को दबोच लिया. इनके पास से पुलिस ने करीब 200 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है.
वहीं, आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि वे उड़ीसा से नशीले पदार्थों की सप्लाई लेकर एमपी और आसपास के इलाकों में खपाने की फिराक में थे. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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