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शाजापुर में रूह कंपाने वाला हादसा: खड़ी बस बनी ‘आग का गोला’, पिता के सामने जिंदा जला 4 साल का मासूम

मध्य प्रदेश के Shajapur में खड़ी निजी बस में भीषण आग लगने से 4 साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई. परिजनों ने बस स्टाफ पर लापरवाही, इमरजेंसी गेट और फायर सेफ्टी उपकरण न होने के गंभीर आरोप लगाए हैं…

रिपोर्ट-आशुतोष शर्मा


Shajapur Bus Fire Tragedy: मध्य प्रदेश के शाजापुर में एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपाने वाला हादसा सामने आया है. शाजापुर और मक्सी के बीच ‘होटल जैन पथ’ के पास खड़ी एक निजी बस में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि पलक झपकते ही पूरी बस खाक हो गई.

इस चीख-पुकार के बीच बस में सवार यात्री तो जान बचाकर जैसे-तैसे बाहर निकल आए, लेकिन एक 4 साल का मासूम बच्चा बस के भीतर ही फंस गया. बेबस पिता की आंखों के सामने ही उसका लाडला जिंदा जल गया. इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम और अफरा-तफरी का माहौल है.

यात्रियों की चेतावनी को किया अनदेखा(Shajapur Bus Fire Tragedy)

हादसे का सबसे खौफनाक और गुस्सा दिलाने वाला पहलू बस स्टाफ की लापरवाही है. पीड़ित पिता ने रोते-बिलखते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि सफर के दौरान ही बस की वायरिंग से कुछ जलने की तेज बदबू आ रही थी. यात्रियों ने इस बात की जानकारी तुरंत बस ड्राइवर और कंडक्टर को दी थी, लेकिन उन्होंने इस चेतावनी को पूरी तरह अनदेखा कर दिया और बस चलाते रहे.

पीड़ित पिता ने सुरक्षा पर उठाए सवाल

पीड़ित पिता के मुताबिक, बस में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. आग लगने के तुरंत बाद जब मासूम को बचाने की कोशिश की गई, तो पता चला कि बस में कोई आपातकालीन दरवाजा (Emergency Gate) था ही नहीं.

इतना ही नहीं, आग बुझाने के लिए बस के भीतर कोई अग्निशमन उपकरण (Fire Extinguisher) भी मौजूद नहीं था. सबसे शर्मनाक बात यह रही कि आग लगते ही यात्रियों को बचाने के बजाय ड्राइवर सबसे पहले मौके से फरार हो गया.

तीन थानों की फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

होटल के पास खड़ी बस से उठती आग की लपटों को देख हाईवे पर हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही शाजापुर, मक्सी और तराना से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक मासूम दम तोड़ चुका था और बस लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुकी थी. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.

रोते-रोते सिस्टम को कोसा

हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस लापरवाही के खिलाफ आक्रोशित नजर आया. अपने कलेजे के टुकड़े को खो चुके पिता ने रोते हुए बस मालिक और क्षेत्रीय परिवहन विभाग (RTO) को जमकर कोसा. उन्होंने रोते हुए कहा कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाए और ऐसी ‘कबाड़’ बसों पर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और बाप की गोद सूनी न हो.

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-भारत एक्सप्रेस



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