महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की अटकलों को लेकर हलचलें बेहद तेज हो गई हैं. राजनीतिक हलकों में विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से लगातार आ रही बयानबाजी ने राज्य की राजनीति को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, हालांकि इस संबंध में अभी तक शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. इसी बीच, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम का इस मुद्दे पर एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आया है.
राष्ट्रहित में निर्णय लें वरिष्ठ नेता शरद पवार: आचार्य प्रमोद
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके मन में शरद पवार के लिए गहरा सम्मान है. उन्होंने शरद पवार को देश का सबसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें ऐसा निर्णय लेना चाहिए जो राष्ट्रहित में हो. आचार्य कृष्णम ने अपनी व्यक्तिगत राय को खुलकर सामने रखते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना ही शरद पवार के लिए सबसे उचित और सही फैसला होगा.
अनिल पाटिल बोले— अंतिम फैसला ‘पवार परिवार’ का
दूसरी तरफ, एनसीपी के दोनों गुटों (शरद पवार और अजीत पवार गुट) के एक होने और एनडीए का हिस्सा बनने की उड़ती अफवाहों पर एनसीपी नेता अनिल भाईदास पाटिल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. पाटिल ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं समय-समय पर सामने आना आम बात है. लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि भविष्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के बीच किसी भी प्रकार का एकीकरण या विलय होता है, तो उसका अंतिम निर्णय पार्टी के आम कार्यकर्ता नहीं, बल्कि स्वयं पवार परिवार ही करेगा. पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र के कार्यकर्ताओं के दिल में पवार परिवार के लिए अटूट सम्मान है और परिवार जो भी रास्ता चुनेगा, उसे सभी निष्ठा से स्वीकार करेंगे.
लाडकी बहिन योजना को लेकर विपक्ष पर बरसे संजय निरुपम
महाराष्ट्र में चल रही इस सियासी खींचतान के बीच शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ का उल्लेख करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया. निरुपम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में वर्ष 2024 में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से इस योजना को रिकॉर्ड समय में लागू किया गया था. लेकिन कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और शरद पवार गुट सहित समूचे विपक्ष ने शुरुआत से ही इसका पुरजोर विरोध किया, जबकि यह योजना आज राज्य की लाखों महिलाओं के लिए एक बड़ा आर्थिक संबल साबित हो रही है.
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