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खाटूश्यामजी में फिर कांपी धरती: 4 महीने में दूसरी बार हिली बाबा की नगरी, क्या भूकंप का नया अड्डा बन रहा है सीकर?

सीकर जिले में आज सुबह धरती कांपने से लोग दहशत में आ गए. खाटूश्यामजी, रानोली और आसपास के क्षेत्रों में 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर गहराई में था. हालांकि, किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.

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Rajasthan News/Rahul: राजस्थान के सीकर जिले में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है. राहत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.

सुबह-सुबह महसूस हुए झटके

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप शनिवार सुबह करीब 6 बजकर 33 मिनट पर आया. इसका केंद्र जयपुर से 69 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था.

भूकंप उस समय आया जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे. मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग अचानक धरती हिलने से सहम गए, वहीं घरों में काम कर रही महिलाओं में भी डर का माहौल देखा गया. कई जगहों पर लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर खुले मैदान की ओर भागने लगे.

चार महीने में दूसरी बार हिली धरती

हैरान करने वाली बात यह है कि खाटूश्यामजी क्षेत्र में पिछले चार महीनों में यह दूसरी बार है जब भूकंप आया है. इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को भी इसी क्षेत्र में समान तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. बार-बार आ रहे इन झटकों ने स्थानीय लोगों और भू-वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है.

इन इलाकों में रहा सबसे ज्यादा असर

जानकारी के अनुसार, भूकंप का मुख्य असर सीकर के दांतारामगढ़ क्षेत्र में देखा गया. खाटूश्यामजी कस्बे के अलावा पलसाना, कोछोर, बाय, खोरा, टेहठ, बासड़ी कला, दांता, खाचरियावास, कैलाश और धींगपुर जैसे गांवों में झटकों को स्पष्ट रूप से महसूस किया गया. विशेष रूप से खाटूश्यामजी के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में तीव्रता अधिक दर्ज की गई.

प्रशासनिक अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीम ने स्थिति का जायजा लिया है. प्रशासन के अनुसार, भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़ी संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है. प्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर और आसपास के निर्माण पूरी तरह सुरक्षित हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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