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सीतामढ़ी के सरकारी स्कूल में गणेश पूजा पर बार बालाओं का डांस, शिक्षा विभाग मौन

Sitamarhi School Viral Video: सीतामढ़ी के नानपुर स्थित मॉडल उच्च विद्यालय में गणेश पूजा के नाम पर बार बालाओं का अश्लील डांस कराया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, लेकिन घटना के इतने समय बाद भी शिक्षा विभाग ने दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है.

Sitamarhi School Bar Dance

Sitamarhi School Bar Dance- bharat express

Sitamarhi School Viral Video Bar Dance: सीतामढ़ी जिले के नानपुर प्रखंड स्थित रायपुर का सरकारी स्कूल—’सरस्वती विद्या निकेतन सह मॉडल उच्च विद्यालय’—इन दिनों पढ़ाई नहीं, बल्कि बार बालाओं के ठुमकों को लेकर चर्चा में है। जिस प्रांगण में सुबह-सुबह बच्चे ‘हे शारदे मां’ की वंदना गाते हैं, वहां गणेश पूजा के नाम पर ऐसी रंगीन महफिल सजी कि मर्यादा की धज्जियां उड़ गईं. स्कूल परिसर के भीतर बाकायदा एक विशाल मंच तैयार किया गया, चमचमाती लाइटें लगाई गईं और फिर शुरू हुआ अश्लील गानों पर बार बालाओं का डांस.

मर्यादा तार-तार, दर्शक बने रहे बेखबर जिम्मेदार

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे शिक्षा के इस पावन मंदिर को रातों-रात एक डांस बार में तब्दील कर दिया गया. भद्दे गानों की धुन पर ठुमके लगाती नर्तकियों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. धार्मिक आयोजन के नाम पर अश्लीलता का यह घिनौना खेल पूरे गाजे-बाजे के साथ रातभर चलता रहा, लेकिन न तो स्कूल प्रशासन ने इसे रोकने की जहमत उठाई और न ही स्थानीय पुलिस या जनप्रतिनिधियों को कोई ऐतराज हुआ.

क्या बिक गई व्यवस्था की गैरत? शिक्षा विभाग अब भी ‘मौन’

सोशल मीडिया पर इस शर्मनाक घटना का वीडियो आग की तरह फैल चुका है. चारों तरफ फजीहत हो रही है, लेकिन शिक्षा विभाग का रवैया ऐसा है जैसे कुछ हुआ ही न हो. इतने बड़े पैमाने पर स्कूल परिसर का गलत इस्तेमाल हो गया, मर्यादा का चीरहरण हो गया, फिर भी अफसरों के मुंह पर ताला लगा है. अब तक किसी भी जिम्मेदार शिक्षक या आयोजक पर गाज गिरने की कोई खबर सामने नहीं आई है.

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आक्रोशित ग्रामीण पूछ रहे तीखे सवाल

घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बच्चों के भविष्य की बुनियाद गढ़ने वाले स्थानों पर ऐसा ‘मुजरा’ होगा, तो नई पीढ़ी पर इसका क्या असर पड़ेगा? लोग अब सीधे तौर पर सवाल दाग रहे हैं—आखिर किसकी सह पर स्कूल परिसर में ऐसा आयोजन करने की इजाजत दी गई? क्या शिक्षा विभाग की यह चुप्पी किसी सांठगांठ का इशारा है? अब देखना यह है कि सो रहा विभाग नींद से जागकर इस बेशर्मी के आयोजकों पर कार्रवाई की हंटर चलाता है या मामला ठंडे बस्ते में ही दबा दिया जाएगा.

भारत एक्सप्रेस



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