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Sitapur Liberty Showroom Case: सीतापुर न्यूज: ग्राहक को भगवान कहा जाता है, लेकिन अक्सर दुकानदार माल बेचने के बाद वारंटी के नाम पर उन्हें परेशान करते हैं. ऐसा ही एक मामला सीतापुर में सामने आया है, जहां लिबर्टी (Liberty) शूज के शोरूम मैनेजर को एक ग्राहक की चप्पल न बदलना और कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज करना बहुत महंगा पड़ गया है. जिला उपभोक्ता फोरम ने सख्त रवैया अपनाते हुए मैनेजर उस्मान के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है.
क्या है पूरा मामला? (Liberty Showroom Case)
बट्सगंज के रहने वाले आरिफ ने 10 मई 2022 को ट्रांसपोर्ट चौराहे पर स्थित लिबर्टी शोरूम से 1,700 रुपये की चप्पल खरीदी थी. शोरूम ने 6 महीने की वारंटी दी थी. लेकिन, महज एक महीने में ही चप्पल टूट गई. जब आरिफ शिकायत लेकर पहुंचे, तो मैनेजर ने पहले टालमटोल की. बाद में टूटी हुई चप्पल रख ली, लेकिन न तो नई चप्पल दी और न ही पैसे वापस किए.
फोरम पहुंच गया ग्राहक (Consumer Court On Liberty Showroom)
परेशान होकर आरिफ ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया. फोरम ने मैनेजर को कई नोटिस भेजे, लेकिन वे न तो पेश हुए और न ही कोई जवाब दिया. 8 जनवरी 2024 को कोर्ट ने आदेश दिया कि मैनेजर चप्पल के पैसे लौटाए, साथ ही 2,500 रुपये मानसिक कष्ट और 5,000 रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दे. मैनेजर ने इस आदेश को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया. इसका अंजाम उनपर भारी पड़ गया.
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अब पुलिस करेगी गिरफ्तार! (Liberty Defective Slippers Case)
आदेश का पालन न होता देख कोर्ट ने अब सख्त एक्शन लिया है. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत मैनेजर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. कोर्ट ने सीतापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को आदेश दिया है कि 2 जनवरी 2026 तक हर हाल में मैनेजर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए.
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