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UP News: आय से अधिक सम्पत्ति के दोषी पाए गए ये सपा नेता, विजिलेंस का खुलासा- इनकम से 67 लाख रुपए अधिक खर्च किए

Lucknow: सपा नेता के खिलाफ शासन ने वर्ष 2021 में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के विरुद्ध विजिलेंस की खुली जांच का निर्देश दिया था. विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर की टीम ने जांच के दौरान दोषी पाया है.

फोटो-सोशल मीडिया

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Lucknow: बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले में आरोपित समाजवादी पार्टी (सपा) नेता मुकेश श्रीवास्तव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनके खिलाफ विजिलस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में वह आय से 59.74 प्रतिशत अधिक धन खर्च करने के दोषी पाए गए हैं. इसके बाद से सियासी हड़कम्प मचा हुआ है तो दूसरी ओर विजिलेंस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. बता दें कि, मुकेश श्रीवास्तव बहराइच की पयागपुर सीट से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं तो वहीं 2017 में कांग्रेस छोड़कर सपा का हाथ थामने के बाद साल 2017 व 2022 में सपा के टिकट पर बहराइच से फिर से विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन उनको हार का मुंह देखना पड़ा.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, पूर्व विधायक व सपा नेता मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ शासन ने वर्ष 2021 में विजिलेंस की खुली जांच का निर्देश दिया था. इसी के बाद उनके खिलाफ विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर की टीम द्वारा जांच की जा रही थी, जिसमें उनको दोषी पाया गया है. विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट 12 अक्टूबर, 2022 को शासन को सौंपी थी. रिपोर्ट में बताया गया है कि, निर्धारित अवधि के दौरान मुकेश श्रीवास्तव की सभी वैध स्रोतों से 1.12 करोड़ रुपये से अधिक आय हुई थी, जबकि इसी निर्धारित अवधि में उन्होंने चल-अचल संपत्तियों तथा भरण-पोषण में लगभग 1.80 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया था. बता दें कि मुकेश श्रीवास्तव व उनकी पत्नी पूजा श्रीवास्तव बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले के भी आरोपी हैं और इस मामले में दोनों को जेल भी जाना पड़ा था. तो वहीं सपा नेता मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ अलग-अलग मामलो में करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं.

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जांच एजेंसी को नहीं दे पाए जवाब

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा नेता मुकेश श्रीवास्तव ने अपनी आय से 67 लाख से रुपये (59.74 प्रतिशत) अधिक खर्च किया, लेकिन इस बारे में विजिलेंस ने जब पूछताछ की तो वह कोई जांच एजेंसी को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इसी के बाद शासन की अनुमति मिलने के बाद विजिलेंस के निरीक्षक आलोक कुमार राय द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया औऱ विवेचना शुरू की गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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