छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों की पकड़ और मजबूत करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने नारायणपुर जिले के कुटुल क्षेत्र में एक नया कंपनी ऑपरेटिव बेस (COB) स्थापित किया है कुटुल क्षेत्र अबूझमाड़ का केंद्र माना जाता है. और इसे नक्सलियों की राजधानी कहा जाता है. इस क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां काफी सक्रिय रही हैं, लेकिन ITBP की नई तैनाती से उनकी गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
नक्सल विरोधी मिशन को मिलेगा बढ़ावा
आईटीबीपी की 41वीं बटालियन ने बुधवार को इस नए ऑपरेटिव बेस (COB) की शुरुआत की. सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, इस कदम से छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार के “मिशन कागर-2026” (नक्सल उन्मूलन अभियान) को और गति मिलेगी तथा प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा.
क्यों महत्वपूर्ण है यह ऑपरेटिव बेस?
- कुटुल क्षेत्र अबूझमाड़ का मुख्य केंद्र है, जहां नक्सली अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं.
- यह नया COB नक्सलियों के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा, क्योंकि सुरक्षा बलों की उपस्थिति बढ़ने से उनका प्रभाव कम होगा.
- ITBP की इस तैनाती से नक्सलियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी और उनकी रणनीतियों को विफल करना आसान होगा.
- स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा की भावना बढ़ेगी, जिससे वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और विकास कार्यों में सहयोग करेंगे.
क्या है मिशन कागर-2026?
“मिशन कागर-2026” केंद्र सरकार द्वारा नक्सल उन्मूलन के लिए शुरू किया गया एक विशेष अभियान है. इसका उद्देश्य नक्सली गढ़ों को ध्वस्त करना, उनके नेटवर्क को खत्म करना और प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शांति बहाल करना है. ITBP और अन्य सुरक्षाबलों की तैनाती इसी योजना का एक अहम हिस्सा है.
छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में ITBP का यह नया ऑपरेटिव बेस एक ऐतिहासिक कदम है. यह न केवल अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करेगा बल्कि मिशन कागर-2026 को भी मजबूत बनाएगा. सुरक्षाबलों की बढ़ती उपस्थिति से राज्य में शांति और विकास को नया आयाम मिलेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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