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सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार को गोमांस परिवहन पर बेहतर काम करने की दी सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार से कहा कि गोमांस परिवहन मामलों में उसे बेहतर काम करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि एक आम आदमी कच्चे मांस से गोमांस पहचान नहीं सकता.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation

सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार से कहा है कि उसे गोमांस के अवैध परिवहन के मामलों में बेहतर काम करना चाहिए. कोर्ट ने यह टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें एक ट्रांसपोर्टर को अंतरिम राहत दी गई थी. जस्टिस एएस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने इस पर विचार करते हुए कहा कि एक आम आदमी कच्चे मांस के पैक को देखकर यह पहचान नहीं सकता कि वह गोमांस है या नहीं. कोर्ट ने इस मामले में असम सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य को मांस परिवहन में शामिल लोगों का पीछा करने के बजाय अपने संसाधनों और समय का उपयोग अधिक उत्पादक कार्यों में करना चाहिए.

मामला क्या था

कोर्ट ने असम में गोमांस के अवैध परिवहन से संबंधित एक मामले में ट्रांसपोर्टर को राहत दी है. आरोप था कि आरोपी व्यक्ति कच्चे मांस को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा रहा था. कोर्ट ने कहा कि यह साबित नहीं हुआ है कि आरोपी मांस की पैकिंग या निर्माण में शामिल था. हालांकि, असम सरकार ने कहा कि आरोपी मांस बेचने का काम कर रहा था, लेकिन कोर्ट ने इस पर असहमति व्यक्त की. अदालत ने कहा कि असम मवेशी संरक्षण अधिनियम की धारा 8 के तहत यह अपराध नहीं माना जा सकता है, जब तक आरोपी को यह न पता हो कि मांस गोमांस है.

असम सरकार की खिंचाई

सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य को गोमांस परिवहन में शामिल लोगों के पीछे दौड़ने के बजाय, यह बेहतर होगा कि राज्य अपने संसाधनों का इस्तेमाल अन्य कार्यों में करे. कोर्ट ने यह भी कहा कि एक आम आदमी बिना विशेष ज्ञान के कच्चे मांस को देखकर यह नहीं पहचान सकता कि वह गोमांस है या अन्य मांस.

असम में मवेशी संरक्षण कानून

असम में मवेशियों की अवैध आपूर्ति का व्यापार एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है, जिसमें प्रतिदिन करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है. असम में पहले से ही मवेशी संरक्षण कानून 1950 लागू है, लेकिन इस कानून में बीफ के उपभोग को गैरकानूनी नहीं माना गया है और यह अनुमति प्राप्त करने पर 14 साल से बड़े मवेशी को मारने का प्रावधान करता है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को तय की है.

-भारत एक्सप्रेस



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