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चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2025 को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 27 जनवरी को करेगा सुनवाई, पढ़ें पूरा मामला

चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट 27 जनवरी को सुनवाई करेगा, जिसमें मौजूदा मेयर कुलदीप कुमार ने पारदर्शिता की मांग की है. पिछली धांधलियों के मद्देनजर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और वोटिंग प्रक्रिया में सुधार के मुद्दे उठाए गए हैं.

Supreme Court

चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2025 को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 27 जनवरी को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने चंडीगढ़ नगर निगम के लिए मेयर का चुनाव पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज को पर्यवेक्षक नियुक्त करने की इच्छा जताई थी. इसको लेकर चंडीगढ़ यूटी के मुख्य सचिव और नगर आयुक्त को नोटिस जारी किया गया था. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच मामले में सुनवाई कर रही हैं.

यह याचिका आम आदमी पार्टी के नेता और मौजूदा मेयर कुलदीप कुमार की ओर से दायर की गई है. याचिका में मेयर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की है. अदालत ने याचिकाकर्ता के उस मांग को खारिज कर दिया था, जिसमें मेयर चुनाव की तारीख में बदलाव करने की मांग की थी. मेयर का चुनाव 30 जनवरी को होना है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि हम मूल चुनाव की तारीख के अनुसार ही चलेंगे. हालांकि याचिकाकर्ता कुलदीप कुमार ने मेयर चुनाव के लिए जारी अधिसूचना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर किया था.

याचिक में कहा गया कि 2024 में मेयर चुनाव के दौरान हुई धांधली को देखते हुए वे कुछ मुद्दों को लेकर चिंतित है. कुलदीप कुमार ने हाई कोर्ट में मेयर चुनाव के दौरान सीसीटीवी कैमरे के तहत रेकॉर्डिंग करने का मुद्दा उठाया, दूसरा मुद्दा बैलेट पेपर से होने वाली वोटिंग की जगह हाथ खड़े करके वोट करने के अधिकार देना और तीसरा मेयर के कार्यकाल को पूरा होने देने के बाद चुनाव कराने की मांग की थी. उन्होंने यह भी कहा है कि चुनाव की तारीख 20 फरवरी को होनी चाहिए. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 20 फरवरी को ही विजेता घोषित किया था. इसलिए वे एक साल के कार्यकाल के हकदार है.

बता दें कि इससे पहले मेयर चुनाव में हुई धांधली का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुचा था. कोर्ट ने बैलेट पेपर और वीडियो देखने के बाद फिर से मतों की गणना करने का आदेश दिया था. उसके बाद कोर्ट ने 8 अमान्य करार बैलेट पेपर को मान्य करार दिया था और आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार कुलदीप कुमार को मेयर घोषित किया था. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह के आचरण पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कारण बताओं नोटिस जारी किया था.

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-भारत एक्सप्रेस 



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