पश्चिम बंगाल की सियासत में लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है. मुख्यमंत्री पद को लेकर जिस नाम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा थी, उस पर आखिरकार मुहर लग गई है. भारतीय जनता पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को अपने विधायक दल का नेता चुन लिया है. यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई एक अहम बैठक के दौरान लिया गया.
बैठक में सभी प्रस्तावों और समर्थन पत्रों की समीक्षा के बाद एकमत से सुवेंदु अधिकारी के नाम को आगे बढ़ाया गया. अमित शाह ने खुद इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सभी विधायकों की राय एक ही नाम पर बनी और इसी आधार पर सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल दल का नेता घोषित किया गया.
चुनावी नतीजों के बाद बदला सियासी माहौल
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में हाल ही में आए विधानसभा चुनाव नतीजे हैं, जिसमें भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है. पार्टी ने 293 सीटों में से 207 सीटों पर कब्जा किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई. बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का था, जिसे भाजपा ने काफी आगे निकलकर पार कर लिया.
भवानीपुर जैसी चर्चित सीट से तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की हार भी इस चुनाव का बड़ा मोड़ मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें करीब 15 हजार वोटों से हराया, जिसके बाद से ही उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं और मजबूत हो गई थीं.
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया और राजनीतिक स्थिति
चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई. 5 मई को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि वह इस्तीफे की परंपरा का पालन नहीं करेंगी, क्योंकि उनके अनुसार चुनावी नतीजे जनता की असली राय को नहीं दर्शाता है. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की हार को भी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया था.
इसी बीच राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा विधानसभा भंग किए जाने की घोषणा के बाद ममता बनर्जी अब आधिकारिक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री मानी जा रही हैं. इसके साथ ही पिछली कैबिनेट का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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