RJD Working President Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में रविवार का दिन हलचल भरा रहा. पटना के आलीशान होटल मौर्या में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में वह फैसला लिया गया जिसका सबको इंतजार था- तेजस्वी यादव को आधिकारिक तौर पर पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया. लेकिन, इस ‘ताजपोशी’ की खुशी अभी पार्टी दफ्तर तक पहुंचती, उससे पहले ही लालू परिवार के भीतर से एक ऐसी चिंगारी उठी जिसने सबको हैरान कर दिया.
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस फैसले के चंद मिनटों बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक ऐसा पोस्ट किया, जिसने बिहार के सियासी गलियारों में भूकंप ला दिया है. रोहिणी ने बिना नाम लिए अपने ही भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबियों पर बेहद कड़े शब्दों में हमला बोला.
“घुसपैठियों की कठपुतली बने शहजादे”
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में जो भाषा इस्तेमाल की, उसने साफ कर दिया कि परिवार और पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है. उन्होंने लिखा, “सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और “गिरोह – ए – घुसपैठ” को उनके हाथों की “कठपुतली बने शहजादा” की ताजपोशी मुबारक..”
सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और ” गिरोह – ए – घुसपैठ ” को उनके हाथों की “कठपुतली बने शहजादा” की ताजपोशी मुबारक ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 25, 2026
जानकार मान रहे हैं कि रोहिणी का इशारा उन ‘सलाहकारों’ की तरफ है जो तेजस्वी के बेहद करीब हैं. रोहिणी ने उन्हें ‘गिरोह-ए-घुसपैठ’ करार दिया है. उनका गुस्सा इस बात को लेकर है कि पार्टी की कमान अब उन लोगों के इशारे पर चल रही है जो लालू जी की मूल विचारधारा से कोसों दूर हैं.
मीटिंग से पहले ही दे दी थी चेतावनी
दिलचस्प बात यह है कि रोहिणी का गुस्सा अचानक नहीं फूटा. बैठक शुरू होने से पहले ही उन्होंने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर अपनी मंशा साफ कर दी थी. उन्होंने खुद को ‘सच्चा लालूवादी’ बताते हुए सवाल उठाया था कि आखिर पार्टी की बागडोर ऐसे लोगों के हाथ में क्यों है जिन्हें विरोधियों ने ‘घुसपैठिए’ के रूप में भेजा है? रोहिणी का सीधा आरोप है कि ये सलाहकार लालूवाद को कमजोर कर रहे हैं और जो लोग सच बोलते हैं, उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार किया जाता है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर नेतृत्व इस पर चुप है, तो इसे साजिशकर्ताओं के साथ मिलीभगत माना जाएगा.
मंच पर सजी थी कतार, पर शोर सोशल मीडिया पर हुआ
होटल मौर्या की उस बैठक में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत पार्टी के तमाम दिग्गज मौजूद थे. 27 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी के नाम पर मुहर लगाई. मंच पर एकजुटता दिखाने की पूरी कोशिश हुई, लेकिन रोहिणी के एक पोस्ट ने सारी सुर्खियां बटोर लीं.
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