Nizamabad Wife Kills Husband: हाल के दिनों में पत्नियों द्वारा अपने ही पतियों के खिलाफ विश्वासघात, क्रूरता और जघन्य हत्याकांडों को अंजाम देने के डरावने मामले लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं. प्रेम-प्रसंग और अवैध संबंधों के दलदल में फंसकर जीवनसाथी को ही रास्ते से हटा देने की यह प्रवृत्तियां गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं. हाल ही में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आई ऐसी ही कई खौफनाक घटनाओं की कड़ी में अब तेलंगाना के निजामाबाद से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है.
निजामाबाद जिले में एक महिला ने अपने ही बीमार पति को मौत के घाट उतारने के लिए क्रूरता और हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. गल्फ में काम करने वाले 35 वर्षीय प्रशांत की उसकी अपनी ही पत्नी संध्या ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसी खौफनाक हत्या की, जिसे सुनकर पुलिस महकमे के भी होश उड़ गए.
छत से धक्का, टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन
पुलिस जांच के आधार पर यह बात सामने आई है कि 32 साल की संध्या का अनिल (35 वर्ष) नाम के एक व्यक्ति के साथ लंबे समय से अवैध संबंध चल रहा था. पति प्रशांत को अपने प्रेम-प्रसंग में सबसे बड़ा कांटा मानकर संध्या और अनिल ने उसे दुनिया से मिटाने की साजिश रची, जिसमें उन्होंने वेंकट साई नाम के एक तीसरे शख्स को भी शामिल किया. इसके बाद उन्होंने जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के लिए दो बार जानलेवा हमले किए.
पहला प्रयास- छत से फेंकने की कोशिश
29 जून को साजिश के तहत वेंकट साई, प्रशांत के घर पहुंचा और उसे अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई. इसके बाद वह प्रशांत को नशे की हालत में घर की छत पर ले गया और संध्या के फोन पर दिए गए लाइव निर्देशों के अनुसार उसे छत से नीचे फेंक दिया. इस जानलेवा हमले में प्रशांत गंभीर रूप से घायल तो हुआ, लेकिन उसकी जान बच गई.
दूसरा प्रयास- टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन
छत से गिरने के बाद संध्या और साई उसे आनन-फानन में पहले सरकारी और फिर निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के लिए उसके हाथ में कैनुला (नसों में दवा डालने वाली नली) लगाया गया. प्रशांत को जीवित देख प्रेमी अनिल ने संध्या को दोबारा उकसाया. संध्या उसे अस्पताल से वापस घर ले आई और इलाज के बहाने उसके हाथ में लगे कैनुला के जरिए सीधे नसों में टॉयलेट क्लीनर (तेजाबी रसायन) और बेहोशी की भारी दवा का इंजेक्शन इंजेक्ट कर दिया. रासायनिक तरल नसों में फैलते ही प्रशांत तड़पने लगा, जिसके बाद क्रूरता की पराकाष्ठा पार करते हुए संध्या ने उसे खाट से नीचे फर्श पर पटक दिया, जिससे तड़प-तड़प कर उसकी तत्काल मौत हो गई.
मां की सूझबूझ से खुला रहस्यमयी मौत का राज
इस खौफनाक मर्डर को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे एक सामान्य या रहस्यमयी मौत साबित करने का प्रयास किया था. प्रशांत की बूढ़ी मां को 30 जून को अपने बेटे की अचानक हुई मौत की मनहूस खबर मिली. मां को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनका बेटा खाड़ी देश से वापस आ चुका है. बहू संध्या की संदिग्ध हरकतों को भांपते हुए मां ने 1 जुलाई को निजामाबाद पुलिस में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जब मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच शुरू की, तो कत्ल की पूरी इनसाइड स्टोरी सामने आ गई.
पुलिसिया शिकंजे के आगे टूटे तीनों आरोपी
पत्नी संध्या, प्रेमी अनिल और सहयोगी वेंकट साई ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. पुलिस ने तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से माननीय न्यायाधीश ने उन्हें सख्त न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है.
समाज में नैतिक मूल्यों का पतन
यह वीभत्स घटना इस बात का भयावह प्रमाण है कि कैसे अनैतिक आकांक्षाएं और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन किसी व्यक्ति को इस हद तक अंधा कर सकता है कि वह सात फेरों के पवित्र वचनों को भूलकर अपने ही जीवनसाथी का कसाई बन जाए. पत्नियों द्वारा प्रेम-प्रसंगों के चलते पतियों की हत्या के बढ़ते मामले सामाजिक ताने-बाने के टूटने और मानवीय संवेदनाओं के शून्य होने की ओर इशारा करते हैं.
ये भी पढ़ें: राम मंदिर चंदा चोरी का पूरा एक्स-रे: 5 जून से 6 जुलाई तक क्या-क्या हुआ? देखें टाइमलाइन
इस प्रकार के जघन्यतम मामलों में जहां अपराधियों ने पीड़ित को तड़पा-तड़पा कर मारने के लिए मेडिकल उपकरणों और रसायनों का दुरुपयोग किया हो, वहां न्यायपालिका द्वारा ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी के तहत त्वरित और कठोरतम दंडात्मक मिसाल कायम की जानी चाहिए, ताकि समाज में वैवाहिक संस्था की सुरक्षा और कानून का खौफ बना रहे.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
