Telangana Pharma Factory Blast
Telangana Pharma Factory Blast: तेलंगाना के एक दवा फैक्ट्री में शुक्रवार को विस्फोट हो गया. विस्फोट इतना खतरनाक था कि फैक्ट्री में काम कर रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई. वहीं 8 लोग घायल हुए हैं.
यह घटना नलगोंडा जिले के चित्याल मंडल के वेलिमिनेडू गांव के बाहरी इलाके की है. बताया जा रहा है कि जब यूनिट में काम चल रहा था, तभी हुए एक धमाके के कारण इसके तीसरे ब्लॉक में आग लग गई.
आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी दमकल गाड़ियों और अन्य उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. पूरे ब्लॉक में घना धुआं फैल गया.
इलाज के दौरान हुई मौत
इस घटना में 9 मजदूर घायल हो गए थे. घायलों को तुरंत नारकेटपल्ली स्थित कामिनेनी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई. मृतक की पहचान बोड्डू बालकृष्ण (30) के रूप में हुई, जो नलगोंडा जिले के चिन्नकापार्थी का रहने वाला था. घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है.
एक महीने के भीतर दूसरी दुर्घटना
एक महीने से भी कम समय में इसी फार्मास्यूटिकल यूनिट में यह दूसरी ऐसी दुर्घटना है. 9 अप्रैल को भी इसी तरह के एक धमाके में दो मजदूर घायल हुए थे.
पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि रासायनिक फैक्टरियों में होने वाली आपदाओं से निपटने के लिए अग्निशमन सेवा विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है.
पुलिस अन्य विभागों के साथ बैठाए तालमेल
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने में, सबसे पहले पहुंचने वाले के तौर पर पुलिस को अन्य विभागों के साथ उचित तालमेल बनाकर काम करना चाहिए.
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अग्निशमन विभाग में पहले से ही एक आपदा प्रबंधन इकाई बनाई जा चुकी है. हैदराबाद आपदा प्रबंधन और संपत्ति संरक्षण एजेंसी (हाइड्रा) और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं.
पिछले साल हुए हादसे में 54 मजदूर मारे गए
पिछले साल तेलंगाना में अब तक की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटना हुई थी, जिसमें संगारेड्डी जिले की एक केमिकल फैक्टरी में 54 मजदूरों की मौत हो गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे.
वहीं पिछले साल ही 30 जून को पाशामैलाराम औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिगाची इंडस्ट्रीज के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में एक जबरदस्त धमाके के बाद भीषण आग लग गई थी.
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यह प्लांट माइक्रोक्रिस्टलाइन सेल्युलोज पाउडर बनाता है, जिसका इस्तेमाल टैबलेट और कैप्सूल में बाइंडिंग एजेंट के तौर पर किया जाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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