Telangana News: तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में रविवार सुबह एक दिल नहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. खम्मम से हैदराबाद जा रहे 50 वर्षीय वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. कासकुर्ती जगदीश बाबू की कार अचानक अनियंत्रित होकर राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवाइडर से जा टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में पलक झपकते ही भीषण आग लग गई और डॉक्टर को बाहर निकलने का एक मौका तक नहीं मिला.
तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में खम्मम-हैदराबाद नेशनल हाइवे पर एक दिल दहला देने वाले हादसे में 50 वर्षीय न्यूरोसर्जन डॉ. कासकुर्ती जगदीश बाबू की जिंदा जलने से मौत हो गई. रविवार सुबह करीब 7:15 बजे नींद की झपकी आने के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पिल्ललमर्री फ्लाईओवर के पास डिवाइडर से टकरा गई. टक्कर लगते ही कार में भीषण आग लग गई और डॉक्टर को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
7:15 बजे हुआ दर्दनाक हादसा और फैली सनसनी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक दुर्घटना खम्मम-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिल्ललमर्री फ्लाईओवर के पास रविवार सुबह करीब 7:15 बजे घटी. डॉ. जगदीश बाबू खम्मम के एक प्रतिष्ठित निजी मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख (HOD) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. वे रविवार की सुबह अपने परिवार से मिलने खम्मम से हैदराबाद के लिए निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
सूर्यापेट में दर्दनाक सड़क हादसा! 😢
नेशनल हाईवे-365 पर पिल्लालामर्री के पास एक तेज रफ्तार Volvo कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के बाद कार में अचानक आग लग गई।
हादसे में एक न्यूरोसर्जन के जिंदा जलने की खबर है।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की… pic.twitter.com/58k2gqYYUL
— Indian Observer (@ag_Journalist) September 20, 2026
नींद की झपकी बनी मौत की वजह!
खम्मम ग्रामीण के सीआई जी. राजशेखर के अनुसार, शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि सुबह गाड़ी चलाते वक्त डॉक्टर को नींद की झपकी आ गई थी. रफ्तार तेज होने और झपकी आने की वजह से उन्होंने वाहन से नियंत्रण खो दिया और कार तेज रफ्तार में सीधे सड़क के डिवाइडर से जा भिड़ी.
कार बनी आग का गोला, डॉक्टर को नहीं मिला संभलने का मौका
डिवाइडर से भीषण टक्कर होते ही कार के इंजन में जोरदार धमाका हुआ और तुरंत आग भड़क उठी. देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी कार को अपनी आगोश में ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि डॉक्टर ड्राइविंग सीट का दरवाजा भी नहीं खोल सके और कार के भीतर ही जिंदा जल गए. कुछ ही मिनटों में चमचमाती कार जलकर लोहे का कंकाल बन गई.
पुलिस जांच जारी, इलाके में शोक की लहर
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक डॉक्टर का शरीर बुरी तरह जल चुका था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामला दर्ज कर दुर्घटना के तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी है. एक वरिष्ठ और जाने-माने न्यूरोसर्जन की इस तरह दर्दनाक मौत से चिकित्सा जगत और उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है.
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-भारत एक्सप्रेस
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