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133 गाड़ियां और कई घर फूंके, 5 लोगों की गई जान… हिंसा की आग में जल रहे नूंह और मेवात की पूरी कहानी

सोमवार को विश्व हिंदू परिषद ने ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ निकाली. जुलूस शुरु होने के 10 मिनट बाद खेड़ला मोड़ के पास दोनों गुटों के बीच झड़प शुरू हो गई.

Nuh Violence

नूंह हिंसा (फोटो फाइल)

Nuh Violence: हरियाणा का मेवात और नूंह हिंसा की आग में जल रहा है. दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में अब तक मौलाना समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी है. भीड़ ने गाड़ियों और मस्जिदों को आग के हवाले कर दिया है. इलाके को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है. लोग डरे और सहमे हैं. सोमवार को नूंह में लगी हिंसा की आग अब गुरुग्राम तक पहुंच गई है. विवाद की शुरुआत ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ के दौरान हुई. नूंह में खेड़ला मोड़ के पास युवकों ने यात्रा को रोक कर पथराव किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए. वहीं पुलिस के दो होमगार्ड की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई. गुरुग्राम जिला प्रशासन ने घोषणा की कि यहां सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान मंगलवार को बंद रहेंगे. यह आदेश जिलाधिकारी निशांत कुमार यादव ने जारी किया है.

नूंह में सांप्रदायिक झड़प की वजह?

सोमवार को विश्व हिंदू परिषद ने ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ निकाली. जुलूस शुरु होने के 10 मिनट बाद खेड़ला मोड़ के पास दोनों गुटों के बीच झड़प शुरू हो गई. दोपहर करीब 2 बजे नूंह कस्बे से 200 से ज्यादा लोग पैदल चलने लगे. इसके बाद भारी भीड़ ने जुलूस पर पथराव कर दिया. शुरुआत में हिंदू पक्ष भाग गया, लेकिन बाद में उन्होंने जवाबी कार्रवाई की. जवाबी कार्रवाई के दौरान कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. मस्जिदों में आग लगा दी गई. घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया है.

इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नूंह हिंसा पर राज्य के गृह मंत्री अनिल विज और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की है. सीएम ने इलाके में शांति बहाल करने को लेकर आदेश दिया है. वहीं, राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को कहा कि जो लोग हरियाणा में शांति भंग करना चाहते थे, उन्होंने नूंह में हिंसा की साजिश रची, क्योंकि अधिकारियों ने पिछले दिन की हिंसा के बाद जिले में कर्फ्यू लगा दिया था.

मामले में अबतक क्या-क्या हुआ?

बता दें कि बवाल के बाद से इलाके में काफी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया गया है. नूंह हिंसा के बाद मंगलवार दोपहर तक 16 एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक 133 वाहनों को इस हिंसा में आग के हवाले किया गया है. इसके साथ ही 5 लोगों की मौत हो चुकी है. नूंह पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पूरे नूंह जिले में पैरामिल्ट्री फोर्स की कुल 13 बटालियन तैनात की गई है. इनमें 7 आरएफ, 2 बीएसएफ, 2 सीआरपीएफ, 2 आईटीबीपी की बटालियन लगाई गई हैं. दंगे के दौरान कुल 27 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.

यह भी पढ़ें: Nuh Violence: नूंह हिंसा की आग गुरुग्राम तक पहुंची, भीड़ ने मस्जिद में लगाई आग, इमाम नायब की फायरिंग में मौत

‘हम जांच करेंगे कि क्या यह पूर्व नियोजित था’- एसपी नरेंद्र बिजारणिया

नूंह एसपी नरेंद्र बिजारणिया का कहना है, “पुलिस हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. जो घटना हुई वह सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के बीच हुई बहस का नतीजा थी और बाद में एक भीड़ इसमें शामिल हो गई. हम यह भी जांच करेंगे कि क्या यह पूर्व की घटना थी.”

कुछ लोगों को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है.

मामले में अबतक 16 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. वहीं पुलिस कुछ लोगों को गिरफ्तार करके पूछाताछ कर रही है. पुलिस हिंसा की वजह की तलाश में जुटी हुई है. गृह मंत्री अनिल विज खुद मामले पर नजर बनाए हुए हैं. घटना का पत्ता लगते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासन को तुरंत भेजा गया.

हिंसा का एक और एंगल

मेवात हिंसा के तार गौरक्षा दल के सदस्य मोनू मानेसर से भी जुड़ी हुई है. दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि इस यात्रा में मोनू मानेसर भी शामिल होगा. बता दें क यह वही मोनू मानेसर है जिसपर नासिर-जुनैद की मौत के मामले में हत्या का मामला दर्ज है. मानेसर अब भी फरार चल रहा है. मोनू मानेसर के दावे के बाद नूंह में दूसरे समुदाया के लोगों ने कहा कि अगर वो यहां आया तो उसे वापस नहीं जाने देंगे. इस पोस्ट के बाद नूंह में मुस्लिम समुदाय के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और अफवाह फ़ैल गई.

-भारत एक्सप्रेस

 

 



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