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सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को भेजी थी सिफारिश

भारत के राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति ने बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विपुल एम. पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया है.

Supreme Court में दो नए जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी, राष्ट्रपति ने

Supreme Court: भारत के राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति ने बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विपुल एम. पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया है.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भेजी थी सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में इन दोनों जजों की नियुक्ति की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी. भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है.

केंद्रीय कानून मंत्री ने दी जानकारी

केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दोनों जजों की नियुक्ति की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी. केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर लिखा,

“भारत के संविधान द्वारा दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ परामर्श के बाद बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक अराधे और पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली को भारत के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया है.”

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34

इसी साल मई में भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने जस्टिस एन. वी. अंजनिया, जस्टिस विजय बिश्नोई, और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई थी. तीन जजों के शपथ लेते ही सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34 हो गई थी.

29 मई को सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने की थी सिफारिश

29 मई को सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने इन तीनों जजों की नियुक्ति के संबंध में सिफारिश की थी जिसे बाद में केंद्र सरकार की तरफ से मंजूरी दे दी गई थी. इस संबंध में केंद्र सरकार की तरफ से अधिसूचना भी जारी की गई थी.

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न्यायमूर्ति एन. वी. अंजनिया पूर्व में कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे. न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई पूर्व में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे. न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर पूर्व में बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश थे.

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-भारत एक्सप्रेस

(साभार IANS न्यूज एजेंसी)



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