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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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मजधार में फंसे तृणमूल के ‘साहब’! भरी दोपहरी सरेआम चौराहे पर टीएमसी नेता की सरेबाजार बेइज्जती, हाथ में लाठी लिए युवकों ने घुटनों पर ला दिया

Arup Maiti Viral Video: पूर्व मेदिनीपुर के पटाशपुर में तृणमूल कांग्रेस के ग्राम पंचायत प्रधान अरूप माइती को कुछ युवकों ने बीच रास्ते में घेरकर कान पकड़कर उठक-बैठक कराई. भाजपा ने इसे ‘जनाक्रोश’ बताया है, वहीं सभ्य समाज में कानून को हाथ में लेने की इस घटना की तीखी आलोचना हो रही है.

Naipur Gram Panchayat Pradhan Image

संजय/पटाशपुर


Arup Maiti Viral Video: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां नैपुर ग्राम पंचायत के तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रधान को कुछ लोगों ने बीच सड़क पर रोककर कान पकड़कर उठक-बैठक करने पर मजबूर किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है (Bengal Politics).

पूर्व मेदिनीपुर के पटाशपुर में नैपुर ग्राम पंचायत के टीएमसी प्रधान अरूप माइती को कुछ लाठीधारी युवकों ने बीच सड़क पर रोककर कान पकड़कर उठक-बैठक कराई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का गुस्सा बता रही है, जबकि समाज के कई वर्गों ने कानून हाथ में लेने की इस हरकत को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी निंदा की है.

जबरन कान पकड़कर उठक-बैठक कराया

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधान अरूप माइती अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे, तभी कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें रास्ते में ही घेर लिया. वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि हाथ में लाठी लिए कुछ युवक उन्हें जबरन कान पकड़कर उठक-बैठक करने के लिए कह रहे हैं. दबाव में आकर टीएमसी प्रधान को सड़क पर ही सबके सामने ऐसा करना पड़ता है .

‘जनाक्रोश का शिकार’ हुए

इस घटना के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. भाजपा के मंडल अध्यक्ष कृष्ण गोपाल दास ने दावा किया कि अरूप माइती इलाके में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण ‘जनाक्रोश का शिकार’ हुए हैं. उन्होंने कहा कि जनता में टीएमसी नेता के खिलाफ भारी नाराजगी थी. अगर कोई नेता गलत काम करेगा, तो उसे जनता के ऐसे ही गुस्से का सामना करना पड़ेगा (Patashpur TMC leader).

अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं

दूसरी तरफ, समाज के विभिन्न वर्गों और आम लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. लोगों का मानना है कि किसी नेता से राजनीतिक मतभेद या शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ व्यक्ति को इस तरह सरेआम प्रताड़ित करना और कानून हाथ में लेना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. फिलहाल इस संवेदनशील मामले पर पीड़ित प्रधान अरूप माइती या स्थानीय पुलिस-प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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