Twisha Sharma Case Update: भोपाल में सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दिल्ली AIIMS के फॉरेंसिक बोर्ड ने सनसनीखेज खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि जिस जिम्नास्टिक बेल्ट को कथित फंदा बताया जा रहा था उसी पर त्वचा के ऊतक मिले हैं. यह निशान ट्विशा की गर्दन पर पाए गए चोटों से पूरी तरह मेल खाते हैं.
बेल्ट को लेकर शुरू से विवाद
इस केस में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या मौत उसी बेल्ट से हुई थी जिसे पुलिस ने फंदा बताया था. भोपाल में हुए पहले पोस्टमार्टम के दौरान यह बेल्ट मेडिकल बोर्ड को दिखाई ही नहीं गई थी. इसी वजह से शुरुआती रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि गर्दन की चोटें उसी बेल्ट से आई थीं या नहीं.
हाईकोर्ट के आदेश पर दूसरी जांच
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता देखते हुए AIIMS दिल्ली को दूसरा पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया. 24 मई 2026 को AIIMS के पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया और घटना स्थल का भी निरीक्षण किया.
प्रयोगशाला में मिले वैज्ञानिक साक्ष्य
‘हिस्टोपैथोलॉजिकल’ जांच के दौरान बेल्ट पर मानव त्वचा के अंश पाए गए. इससे यह वैज्ञानिक रूप से साबित हो गया कि ट्विशा की गर्दन पर बने घातक निशान उसी बेल्ट के दबाव से बने थे.
CBI को सौंपी गई रिपोर्ट
10 जुलाई 2026 को AIIMS बोर्ड ने 11 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट CBI को सौंप दी. साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को अनुपालन रिपोर्ट भी भेजी गई. रिपोर्ट के साथ दूसरे पोस्टमार्टम की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी CBI को दी गई है.
AIIMS फॉरेंसिक हेड का बयान
AIIMS दिल्ली के फॉरेंसिक विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि बोर्ड ने सभी वैज्ञानिक पहलुओं का गहन अध्ययन किया है. उन्होंने बताया कि राय देने से पहले डॉक्टरों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं का महीनों तक अध्ययन किया. यह रिपोर्ट न्यायपालिका और CBI के लिए निर्णायक साबित होगी.
क्या है पूरा मामला?
12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. परिवार ने स्थानीय पुलिस की जांच और पहले पोस्टमार्टम पर गंभीर सवाल उठाए थे. उनका आरोप था कि सच्चाई छुपाने की कोशिश की जा रही है.
परिवार की गुहार
परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अदालत ने केस को भोपाल पुलिस से लेकर CBI को सौंप दिया और शव का दोबारा पोस्टमार्टम AIIMS दिल्ली से कराने का आदेश दिया.
CBI के लिए अहम सबूत
AIIMS की वैज्ञानिक रिपोर्ट अब इस केस में CBI के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होगी. यह साक्ष्य अदालत में दोषियों को सजा दिलाने और सच सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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