Twisha Sharma case: भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को CBI ने गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की रिमांड पर एजेंसी को सौंप दिया है. कटारा हिल्स स्थित उनके घर पर पांच घंटे की पूछताछ के बाद 28 मई को गिरफ्तारी हुई. इससे पहले उन्होंने जिला कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी, लेकिन महज पंद्रह दिन बाद ही जबलपुर हाई कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी.
CBI के सवालजवाब
1. ट्विशा शर्मा की मौत की जानकारी आपको कब और कैसे मिली?
2. मृत्यु की सूचना मिलने के बाद आपने तुरंत क्या कदम उठाए?
3. पुलिस को सूचना क्या आपने दी थी? यदि हां, तो कब?
4. आर्थिक लाभ क्या आपने ट्विशा या उनके परिवार से लिया था?
5. समर्थ सिंह का ठिकाना FIR दर्ज होने के बाद कहां रहा?
6. गिरफ्तारी से पहले समर्थ सिंह किस स्थान पर रह रहा था?
7. FIR के बाद संपर्क क्या आपका समर्थ सिंह से कोई बातचीत हुई थी?
8. CCTV समय अंतर आपके CCTV सिस्टम का समय वास्तविक समय से लगभग 2 घंटे 20 मिनट पीछे क्यों था?
9. तकनीकी समस्या यह समस्या कब से थी?
10. CCTV टेक्नीशियन को कॉल आपने घटना के बाद रोहित विश्वकर्मा को क्यों बुलाया?
11. पहला प्रत्यक्षदर्शी कौन था?
12. मौके पर पहुंचने वाला सबसे पहले आप पहुंचीं या समर्थ सिंह?
13. परिजनों को सूचना आपने कब और किस माध्यम से दी?
14. साक्ष्यों में बदलाव क्या आपने किसी रिकॉर्डिंग या डिजिटल डेटा में बदलाव कराया था?
घटना की टाइमलाइन पर जांच
CBI की जांच का केंद्र उन 54 मिनटों पर है जिनमें ट्विशा की मौत हुई. FIR के मुताबिक, 12 तारीख की रात 9:41 बजे ट्विशा अपने परिवार से फोन पर बात कर रही थी, तभी पीछे से समर्थ सिंह की आवाज सुनाई दी. रात 10:35 बजे जब ट्विशा की भाभी ने दोबारा फोन किया तो गिरिबाला सिंह ने कहा कि ‘She is no more.’ यही समय अंतराल जांच का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है.
हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल
एजेंसी ने घटनाक्रम को समझने के लिए ‘वर्चुअल टनल व्यू’ तकनीक का सहारा लिया है. इसके जरिए घर के भीतर हुई हर गतिविधि को डिजिटल रूप से रीक्रिएट किया जा रहा है. CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, वाईफाई लॉग, कॉल रिकॉर्ड और कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग को जोड़कर एक वर्चुअल मॉडल तैयार किया जा रहा है. इससे यह पता लगाया जाएगा कि किस समय कौन कहां मौजूद था.
डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल
CBI यह भी जांच रही है कि कहीं घटना के बाद डिजिटल रिकॉर्ड या CCTV फुटेज में बदलाव तो नहीं किया गया. कैमरों और फोन की गतिविधियों को इंटरनेट टाइमस्टैम्प के साथ मिलाकर एक सिम्युलेटेड वॉकथ्रू तैयार किया जा रहा है. एजेंसी का मानना है कि इससे संदिग्ध गतिविधियों और बयानों में विरोधाभास सामने आएगा.
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आमने-सामने पूछताछ
CBI अब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमनेसामने बैठाकर पूछताछ करेगी. एजेंसी को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से कई अहम तथ्य सामने आएंगे. फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजर है और जांच एजेंसी हर तकनीकी और फॉरेंसिक पहलू को गहराई से खंगाल रही है.
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