केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah)ने सोमवार को भारत विकास परिषद (बीवीपी) की सराहना की और कहा कि इस संगठन ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. शाह ने बीवीपी के 63वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह संगठन उन लोगों के बीच एक सेतु का काम करता है जो सेवा करना चाहते हैं और जिन्हें सेवा की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि बीवीपी ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह संगठन सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध है.
शाह ने की अथक प्रयास की सराहना
अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि बीवीपी ने विभिन्न सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास किया है. बीवीपी की स्थापना स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर आधारित है और यह संगठन समर्पण, समर्थन और शिक्षा के मूल्यों को बढ़ावा देता है. बीवीपी ने देश की अच्छी शक्तियों को एकजुट करने का काम किया है और इसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है.
संस्कृति, समाज, शिक्षा, अध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र के सर्वांगीण विकास को समर्पित ‘भारत विकास परिषद्’ के 63वें स्थापना दिवस कार्यक्रम से लाइव… https://t.co/KOmIZXQaPQ
— Amit Shah (@AmitShah) July 14, 2025
क्या काम करता है संगठन?
बीवीपी एक स्वैच्छिक संगठन है जो नागरिकों को देश के विकास और वृद्धि के लिए काम करने के लिए प्रेरित करता है. संगठन के कार्य ‘सेवा’ और ‘संस्कार’ दो श्रेणियों में आते हैं. सेवा के तहत, संगठन दिव्यांग लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान करता है, गांवों के एकीकृत विकास के लिए काम करता है, और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण करता है. संस्कार के तहत, संगठन छात्रों, युवाओं, महिलाओं और वृद्धों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है.
- संगठन को ‘सेवा’ और ‘संस्कार’ (शैक्षणिक) आधार पर वर्गीकृत किया गया है.
- दिव्यांग लोगों के लिए कृत्रिम अंग बनाकर और उन्हें उपलब्ध कराए जाते हैं.
- देशभर के 65 से ज्यादा गांवों का एकीकृत ग्राम विकास करते हैं.
- ग्राम विकास में पानी की आपूर्ति, शौचालय, तालाबों, रास्तों, कक्षाओं, मंदिरों और श्मशान घाटों का निर्माण/पुनर्निर्माण शामिल है.
- संगठन वृक्षारोपण करके पर्यावरण की रक्षा करने का काम भी करता है.
- छात्र के लिए “भारत को जानो” प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों चलाए जाते हैं.
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1963 में हुई थी स्थापना
विवेकानंद की शिक्षा उच्च सम्मान देते हुए संगठन का गठन किया गया था. इसकी कारण इसकी स्थापना स्वामी विवेकानंद की जयंती पर 1963 में ‘नागरिक परिषद’ के रूप में हुई थी. इसकी तीन मूल नीतियां है. इनका नाम समर्पण, समर्थन और शिक्षा है. परिषद देश की अच्छी शक्तियों को एकजुट करने का काम करता है. अमित शाह ने कहा कि बीवीपी भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा और यह संगठन उन लोगों के बीच एक सेतु का काम करेगा जो सेवा करना चाहते हैं और जिन्हें सेवा की आवश्यकता है.
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