केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
पुंछ (जम्मू-कश्मीर): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पुंछ में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की गोलाबारी से प्रभावित परिवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरे देश की भावनाएं इन पीड़ित परिवारों के साथ जुड़ी हैं.
पाकिस्तान को दिया गया करारा जवाब: शाह
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, और पुंछ को सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ा. उन्होंने कहा, “आज़ादी के बाद पहली बार पुंछ में इस तरह की फायरिंग हुई. पूरी दुनिया पाकिस्तान के इस हमले की निंदा कर रही है. भारतीय सशस्त्र बलों ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान के 9 एयरबेस तबाह कर दिए, जिससे उन्हें सीज़फायर की मांग करनी पड़ी.”
आतंक के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर: 7 मई की रात को हमला
शाह ने खुलासा किया कि 7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया. उन्होंने कहा, “यह हमला भारत के करोड़ों नागरिकों की ओर से आतंकवादियों को दिया गया करारा जवाब था. इस ऑपरेशन में सैकड़ों आतंकवादी मारे गए. पाकिस्तान ने इसे अपने ऊपर हमला मान लिया, जिससे यह साफ हो गया कि वे ही आतंकियों को पनाह दे रहे हैं.”
बंकरों का निर्माण और सुरक्षा इंतज़ाम
गृह मंत्री ने यह भी बताया कि अब तक सीमा क्षेत्रों में 9,500 से अधिक बंकर बनाए जा चुके हैं, जिनसे आम नागरिकों की जान बचाई जा सकी. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केंद्र सरकार और अधिक बंकर बनाएगी ताकि संकट के समय लोगों की रक्षा की जा सके.
धार्मिक स्थलों को भी बनाया गया निशाना
अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान ने सिर्फ घरों को ही नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया, जिससे उनकी नीयत और मंशा दोनों उजागर होती हैं.
पीड़ित परिवारों के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता
नियुक्ति पत्र सौंपते हुए शाह ने कहा, “यह सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है कि हम आपके दुःख में भागीदार हैं. यह केवल सहायता नहीं, बल्कि आपके आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना का प्रयास है.”ऑपरेशन सिंदूर भारत सरकार द्वारा आतंक के खिलाफ एक निर्णायक जवाब था, जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चल रहे आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए अंजाम दिया गया.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



