केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
Union Home Minister Amit Shah In Kerala: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को केरल पहुंचे. यहां उन्होंने तीखे बयानों ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि केरल में भाजपा अब पूरा दम लगा रही है. उन्होंने केरल की वामपंथी सरकार को न केवल भ्रष्टाचार और कमजोर शासन के लिए घेरा, बल्कि सोने की तस्करी से लेकर पीएफआई (PFI) जैसे संगठनों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. अमित शाह के ये बयान, आने वाले चुनावों से पहले बीजेपी की रणनीति को उजागर करते हैं.
केरल सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को वामपंथी दलों द्वारा शासित केरल सरकार पर तीखा हमला किया और उसे भ्रष्टाचार, कमजोर प्रशासन और आपदा राहत निधि को लेकर केंद्र के खिलाफ गलत दावे करने का आरोप लगाया. एक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि केरल, जो यूडीएफ और एलडीएफ शासन के बीच बारी-बारी से चलता है. उन्होंने कहा कि सोने की तस्करी का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया. फिर सहकारी घोटाला, एक्जालॉजिक घोटाला और कई अन्य हैं. लोग मौजूदा स्थिति से खुश नहीं हैं.
कानून और व्यवस्था पर हमला
अमित शाह ने राज्य सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया. उन्होंने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का उदाहरण देते हुए कहा कि पीएफआई केरल से उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात तक फैल गया. इसे पहले ही क्यों नहीं प्रतिबंधित किया गया? अगर नरेंद्र मोदी सरकार नहीं होती, तो संगठन अभी भी सक्रिय होता.
आपदा राहत निधि पर जवाब
गृह मंत्री अमित शाह ने केरल सरकार के इस आरोप का भी जवाब दिया कि केंद्र ने पर्याप्त आपदा राहत निधि नहीं दी है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वास्तव में पिछली यूपीए सरकार की तुलना में केरल को कई गुना अधिक संसाधन आवंटित किए हैं. शाह ने कहा कि केंद्र ने हमेशा प्राकृतिक आपदाओं के समय केरल का समर्थन किया है. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत आवंटन हमारी सरकार के कार्यकाल में अधिक रहा है. बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के दौरान सहायता हमेशा दी गई है.
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चुनावों से पहले भाजपा की रणनीति
शाह की टिप्पणियां केंद्र और केरल सरकारों के बीच जारी घर्षण के बीच आई हैं, जिसमें वामपंथी दलों द्वारा शासित राज्य ने बार-बार केंद्रीय सहायता में भेदभाव का आरोप लगाया है. चुनावों के मद्देनजर, उनकी टिप्पणियां केरल में भाजपा की राजनीतिक आक्रमण को तेज करने की मंशा का संकेत देती हैं. शाह ने कहा कि केरल के लोग बदलाव चाहते हैं और विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा राज्य में बड़ी सफलता हासिल करने के लिए तैयार है.
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