राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर शक्ति प्रदर्शन
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान लगातार यूपी के दौरे कर रहे हैं. इसी कड़ी में गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राम विलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस आयोजन में पार्टी के छोटे-बड़े नेताओं के साथ देशभर से पदाधिकारी भी हिस्सा लेंगे. कार्यक्रम के जरिए पार्टी जहां अपनी संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करेगी, वहीं शक्ति प्रदर्शन कर खासतौर पर पासी समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास भी करेगी.
जयंती के बाद अब पुण्यतिथि पर बड़ा आयोजन
इससे पहले 5 जुलाई को पार्टी संस्थापक राम विलास पासवान की जयंती भी लखनऊ में बड़े स्तर पर मनाई गई थी. उस कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ से उत्साहित पार्टी नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक सक्रियता और बढ़ा दी है. इसके बाद चिराग पासवान के राज्य के दौरे लगातार बढ़े हैं. हाल ही में 27 सितंबर को प्रयागराज में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया. शिक्षा, रोजगार और आरक्षण जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे. युवाओं से सीधा संवाद शुरू करने की इस पहल की शुरुआत 24 सितंबर को पटना से हुई थी.
श्रद्धांजलि के साथ चुनावी ऊर्जा भरने की तैयारी
गुरुवार को लखनऊ के सुलतानपुर रोड स्थित दयाल बाग इन इको रिसॉर्ट में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पार्टी संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. हालांकि यह आयोजन सिर्फ स्मरण तक सीमित नहीं रहेगा. पार्टी नेतृत्व इसे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा भरने के अवसर के रूप में भी देख रहा है. नेताओं का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम संगठन को सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी के लिए प्रेरित करने में मदद करते हैं.
403 सीटों पर तैयारी का पहले ही दे चुके हैं संकेत
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान पहले ही उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी करने का ऐलान कर चुके हैं. एनडीए और उसके सहयोगी दलों की संभावित चिंताओं की परवाह किए बिना पार्टी संगठन विस्तार पर जोर दे रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि अभी सीट बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है. फिलहाल पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और नए लोगों को जोड़ने पर है. उनका दावा है कि चाहे एनडीए के साथ समझौता हो या न हो, पार्टी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी.
100 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त
लोजपा (राम विलास) ने करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति भी कर दी है. पार्टी की रणनीति पूर्वांचल में मजबूत संगठन खड़ा करने की है. नेताओं का कहना है कि जब झारखंड, बिहार और दिल्ली में गठबंधन के तहत साथ चुनाव लड़े जा सकते हैं तो उत्तर प्रदेश में भी इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि फिलहाल पार्टी उत्तर प्रदेश में एनडीए का हिस्सा नहीं है. भविष्य की रणनीति पर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा.
युवाओं और पासी समाज पर खास नजर
चिराग पासवान का खास फोकस युवाओं को जोड़ने पर है. पटना और प्रयागराज के कार्यक्रमों के बाद अन्य शहरों में भी युवा संवाद आयोजित किए जा सकते हैं. पार्टी ऐसे लगभग 20 कार्यक्रम करने की तैयारी में है. दूसरी ओर लोजपा की बढ़ती सक्रियता ने अन्य राजनीतिक दलों की चिंता भी बढ़ा दी है. खासकर पासी समाज को लेकर बसपा, सपा और भाजपा भी सतर्क हो गई हैं. सभी दलों की नजर इस बात पर है कि इस समाज का रुझान किस दिशा में जाता है. इसी वजह से विभिन्न पार्टियों ने भी अपने नेताओं को सक्रिय कर दिया है ताकि समाज के लोगों से उनका संपर्क मजबूत बना रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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