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UP Nikay Chunav-2023: यूपी निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने बांटना शुरू कर दिया टिकट, चुनाव आयोग ने 13 और पार्टियों को आवंटित किया चुनाव चिह्न

UP Politics: आयोग में 133 राजनीतिक दल पंजीकृत हैं. इनमें 16 मान्यता प्राप्त दल, तीन अमान्यता प्राप्त पंजीकृत दल व 114 तत्कालिक या अनंतिम रूप से सामयिक पंजीकृत दल हैं.

UP Nikay Chunav 2023

प्रतीकात्मक तस्वीर

Edited by Nitish Pandey

UP Nikay Chunav-2023: यूपी निकाय चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने टिकट देना शुरू कर दिया है. सपा, कांग्रेस, अपना दल एस और बसपा ने तो कुछ जिलों के मेयर पद की उम्मीदवारी के नाम भी घोषित कर दिए हैं तो वहीं भाजपा का मंथन अभी जारी है. दूसरी ओर राज्य निर्वाचन आयोग ने भी निकाय चुनाव के लिए चुनाव चिह्न आंवटित करना शुरू कर दिया है. इस बार 13 और राजनीतिक दलों को आयोग ने चुनाव चिह्न आवंटित किया है.

जानकारी के मुताबिक, जिन 13 राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग ने चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं, यह दल आयोग में पंजीकृत अमान्यता प्राप्त एवं तात्कालिक या अनंतिम रूप से सामयिक (प्रोवीजनल) दल के रूप में पंजीकृत हैं. तो वहीं आयोग ने सभी जिलों को इसकी सूचना भेज दी है.

बता दें कि चुनाव आयोग में 133 राजनीतिक दल पंजीकृत हैं. इनमें 16 मान्यता प्राप्त दल, तीन अमान्यता प्राप्त पंजीकृत दल व 114 तात्कालिक या अनंतिम रूप से सामयिक पंजीकृत दल हैं. प्रोवीनल दलों को अपने चुनाव चिह्न के लिए आयोग के समक्ष आवेदन करना होता है तो वहीं 13 दलों ने इसके लिए आवेदन किया था, जिसके लिए आयोग ने अनुमति दे दी और फिर उनको चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिए.

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वहीं, खबर सामने आ रही है कि नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए भाजपा अपने प्रत्याशियों की पहली सूची 14 अप्रैल को जारी कर सकती है. पार्टी सूत्रों की माने तो निकाय चुनाव में सांसदों और विधायकों के रिश्तेदारों को फिलहाल टिकट न देने का निर्णय भाजपा ने किया है. हालांकि देखने वाली बात यह होगी कि पार्टी ‘अपनों’ को टिकट दिलाने के इस दबाव से आगे जाकर क्या निर्णय करती है. फिलहाल राजधानी लखनऊ के लिए पार्टी पर दबाव ज्यादा है. ये जानकारी सामने आ रही है कि जिन नगर निगमों में आरक्षण नहीं बदला है, उनमें जिताऊ प्रत्याशी की तलाश में पार्टी अपने सिटिंग महापौर का टिकट काटने से भी पीछे नहीं हटेगी.

ये भी जानकारी सामने आ रही है कि, भाजपा चुनाव में अपना पूरा दम दिखाने के लिए राज्य व केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी चुनाव प्रचार में उतारेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नगर निगमों के अलावा बड़ी नगर पालिका परिषदों में भी चुनावी सभाओं को संबोधित कर सकते हैं. वहीं सुभासपा ने भी बनारस, लखनऊ, प्रयागराज, गाजियाबाद और कानपुर में अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं तो कांग्रेस ने कानपुर सहित कई जिलों में अपने उम्मीदवारों के नाम पर मोहर लगा दी है. इसी के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी यूपी के 8 जिलों में मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

इनको मिले ये निशान

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (सोनेलाल) को कप-प्लेट, विधायक रघुराज प्रताप सिंह की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को आरी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को छड़ी, भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्र शेखर आजाद की पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को केतली,पीस पार्टी को कांच का गिलास व भारतीय राष्ट्रीय मोर्चा को बेंच चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है. इसी तरह से गदर पार्टी को लंच बाक्स, सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभाष पार्टी) को अलमारी, लोग पार्टी को बाक्स,भागीदारी पार्टी (पी) को फुटबाल भारतीय समाजवादी पार्टी (लोकतांत्रिक) को सीटी, अपनी जनतांत्रिक पार्टी को कैमरा, व पालिटिकल जस्टिस पार्टी को हेलीकाप्टर चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है.

-भारत एक्सप्रेस



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