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UP Politics: “रामराज धोखा है, पहले भी रामराज के नाम पर शम्बूक का सिर काटा गया… और अब दलितों…”, स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान

UP News: सपा नेता ने अपने ट्विट के साथ UPSSSC ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा 2023 के लिए कैटेगरी सहित जारी वैकेंसी की एक डिटेल को भी ट्विट किया है, जिसमें सबसे ज्यादा पोस्ट जनरल कैटेगरी के लिए आरक्षित की गई हैं.

स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य

UP Politics: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर से विवादित टिप्पणी की है. उन्होंने ये टिप्पणी UPSSSC ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा 2023 के लिए कैटेगरी सहित जारी वैकेंसी की एक डिटेल के साथ ट्विट किया है.

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा है, “रामराज धोखा है, पहले भी रामराज के नाम पर कभी शम्बूक का सिर काटा गया तो कभी एकलव्य का अंगूठा और अब दलितों, आदिवासियों व पिछड़ों का आरक्षण काटा जा रहा है, यानी संविधान प्रदत्त आरक्षण खत्म किया जा रहा है. जागो सावधान हो जाओ. रामराज हटाओ-आरक्षण बचाओ.” उन्होंने अपने ट्वीट के साथ UPSSSC ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा 2023 के लिए कैटेगरी सहित जारी वैकेंसी की एक डिटेल को भी ट्वीट किया है, जिसमें पोस्ट नेम ग्राम पंचायत अधिकारी है तो वहीं इसमें जनरल के लिए 849 सीट, EWS के लिए 117, OBC के लिए 139, SC के लिए 356 और ST के लिए 7 सीटों पर नियुक्तियां निकाली गई है.

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श्रीरामचरितमानस विवाद में दाखिल हो चुकी है स्वामी के खिलाफ चार्जशीट

बता दें कि श्रीरामचरितमानस विवाद मामले में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. इस मामले में 24 जनवरी को उनके ऊपर मामला दर्ज कराया गया था. बाजारखाला निवासी शिवेंद्र मिश्रा ने 24 जनवरी को हजरतगंज थाने में स्वामी प्रसाद मौर्य पर धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि 22 जनवरी को एक न्यूज चैनल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस पर आपित्तजनक टिप्पणी की, जिससे हिंदूओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.

जानें पुरानी टिप्पणी में क्या दिया था बयान

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था, “रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान किया गया है. तुलसीदास ने इसे अपनी खुशी के लिए लिखा था. करोड़ों लोग इसे नहीं पढ़ते.” इसी के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उन चौपाइयों को हटाने अथवा संशोधित करने की मांग की थी.

-भारत एक्सप्रेस



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