पुष्कर सिंह धामी. (फोटो: X/@pushkardhami)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की विभिन्न भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने कहा कि राज्य की भाषाएं हमारी समृद्ध और विविधतापूर्ण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं, और इन भाषाओं के संरक्षण की दिशा में सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार प्रदेश की भाषाओं को विभिन्न माध्यमों से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुमाऊनी भाषा हमारी मिट्टी की खुशबू है, गढ़वाली भाषा हमारे दिल की आवाज़ है, जौनसरी भाषा हमारी समृद्धि संस्कृति की पहचान है.
हमारे प्रदेश में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाएं हमारी समृद्ध और विविधतापूर्ण संस्कृति की पहचान हैं। इन भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति हम पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। pic.twitter.com/SqqsX7rTH9
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) December 9, 2024
उन्होंने आगे कहा, “हिन्दी हमारी प्राण वायु है, जो हमको जीवन देने का काम करती है. इसलिए हमारी सरकार प्रदेश की सभी भाषाओं को संरक्षित करने के लिए, समृद्ध करने के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है.”
हमारी सरकार विभिन्न माध्यमों से प्रदेश की भाषाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचा रही है। pic.twitter.com/Sg85Pn6RHu
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) December 9, 2024
नई फिल्म नीति और किताबों का प्रकाशन
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य की भाषाओं में किताबों का प्रकाशन और फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है. इसके अलावा, राज्य सरकार नई फिल्म नीति भी लाई है, जिसमें क्षेत्रीय भाषाओं को प्रमुखता दी गई है.
उन्होंने विश्वास जताया कि उनके महोत्सव का आयोजन राज्य की भाषाओं को जीवित रखने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
नए प्रयासों से भाषाओं का संरक्षण होगा: CM
धामी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की सभी भाषाओं को संरक्षित और समृद्ध करने के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है. सरकार ने इस दिशा में कई योजनाओं की शुरुआत की है, जो राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेंगी.
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