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Hindi

भारत एक्सप्रेस के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय दिल्ली में होने जा रहे 'हिंदी मेरी जान 2026' के द्वितीय संस्करण में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए गए हैं. यह सम्मेलन इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (IICC) में 22 सितंबर को आयोजित होगा.

हिंदी को भारत में शोधपरक विस्तार देने में अहम भूमिका निभाने वाला एक प्रमुख नाम विदेशी मूल का ही है. फादर कामिल बुल्के का जीवन भारतीय भाषा, विशेषकर हिंदी के प्रति गहरे प्रेम और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है.

'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर संसद में चर्चा हो रही है। लोकसभा में चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के कई मौकों का उल्लेख किया। साथ ही विपक्ष को भी घेरा। जानिए उनके संबोधन की अहम बातें...

लोकसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तृणमूल कांग्रेस के बीच एक दिलचस्प संवाद हुआ. पीएम मोदी ने 'वंदे मातरम्' के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को 'बंकिम दा' कहकर संबोधित किया था, जिस पर तृणमूल कांग्रेस ने आपत्ति जताई. इसके बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत उन्हें 'बंकिम बाबू' कह कर संबोधित किया |

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो शेयर किया. इसमें उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ नजर आ रहे हैं.

HM Amit Shah on Hindi language: अमित शाह ने हिंदी समेत स्‍थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया. उन्‍होंने कहा- हिंदी सभी भाषाओं की सखी है. सरकारी कामकाज और उच्च शिक्षा में स्थानीय भाषाओं का इस्तेमाल बढ़ेगा.

गृह मंत्रालय ने ITBP, NDRF और CISF के 32 कार्यालयों को आधिकारिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया है.

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंग्रेजी मानसिकता समाज और देश के लिए खतरनाक है. बच्चों को अपनी मातृभाषा का ज्ञान और संस्कार देने चाहिए. उन्होंने कुंभ की महिमा और हिंदी के महत्व पर भी चर्चा की.

सीएम धामी ने कहा कि हमारे प्रदेश में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाएं हमारी समृद्ध और विविधतापूर्ण संस्कृति की पहचान हैं. भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति हम पूर्ण प्रतिबद्ध हैं.

यूएन के वैश्विक संचार विभाग के निदेशक इयान फिलिप्स ने अपने भाषण की शुरुआत 'नमस्कार दोस्तों' से की. उन्होंने हिंदी की वैश्विक पहुंच को प्रभावशाली बताया और बताया कि आज यह 600 मिलियन से ज्यादा लोगों द्वारा बोली जाती है.