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Uttarkashi Tunnel Accident: मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन में लग सकता है लंबा वक्त, बारिश और बर्फबारी का बढ़ा खतरा

Uttarkashi Tunnel Accident: भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग ने सोमवार को भारी बारिश के साथ बर्फबारी की चेतावनी भी जारी की है.

Uttarkashi Tunnel Accident

सिल्क्यारा सुरंग में फंसे हैं 41 मजदूर

Uttarkashi Tunnel Accident: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा सुरंग धंसने के बाद 41 मजदूर अंदर फंस गए थे. इन श्रमिकों को निकालने के लिए 15 दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है. अमेरिका से मंगाई गई ऑगर मशीन भी इस ऑपरेशन में कुछ खास करिश्मा नहीं दिखा पा रही है. ड्रिलिंग के समय आ रही गड़बड़ियों के चलते अब 10 मीटर मलबे को हाथ से हटाने की तैयारी है. सुरंग बनाकर उसमें 80 सेंटीमीटर व्यास की पाइप डाली जा रही है. आखिरी 10 मीटर के मलबे को हटाने में काफी समस्याएं आ रही हैं.

उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट जारी

इसी बीच भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग ने सोमवार को भारी बारिश के साथ बर्फबारी की चेतावनी भी जारी की है. जिसकी वजह से बचाव अभियान में अब और भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

बर्फबारी से बढ़ेगी समस्या

मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो दिनों में बर्फबारी और बारिश हो सकती है. ऐसे में अगर बारिश और बर्फबारी होती है तो रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें बढ़ेंगी. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ बर्फबारी की संभावना मौसम विभाग ने बताई है. सिल्क्यारा और बड़कोट उत्तरकाशी के वो इलाके हैं, जहां पर भारी बर्फबारी होती रही है.

यह भी पढ़ें- Uttarkashi Tunnel Updates: मजदूरों को बाहर निकालने में लगेगा और लगेगा वक्त…ऑगर मशीन भी फेल, अब Plan B की तैयारी

मजदूरों को निकालने में आएगी दिक्कत

पहाड़ी मिट्टी होने की वजह से बारिश में धंसने लगती है. जबकि सुरंग में डाली गई 80 सेंटीमीटर व्यास की पाइप इसी मिट्टी पर टिकी हुई है. ऐसे में बारिश के बाद मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. जिसमें रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे लोगों और अंदर फंसे मजदूरों को भी दिक्कतें हो सकती हैं. वहीं अगर बर्फबारी होती है तो रेस्क्यू ऑपरेशन काफी ज्यादा प्रभावित हो सकता है. ठंड बढ़ने से अंदर फंसे मजदूरों को परेशानी होने के अलावा इस अभियान में लगे लोगों को भी समस्या होगी

हाथ से मलबा हटाने पर किया जा रहा विचार

शनिवार की रात ड्रिलिंग के समय अचानक मशीन के सामने लोहे की जाली आ जाने के बाद काम को रोक दिया गया था. मशीन के ब्लेड मलबे में फंस गए थे. जिसके बाद इसके दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है. जिसमें माना जा रहा है कि बाकी बचे 10 मीटर के मलबे को हाथ से हटाया जा सकता है.

-भारत एक्सप्रेस



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