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Uttarkashi

Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात 8:07 बजे 4.2 तीव्रता का भूकंप आया. झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए, हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.

हिमालयी इलाकों में पाए जाने वाली चिगू बकरी कम संसाधनों के बीच भी पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है. यह बकरी कश्मीरी ऊन और मांस उत्पादन के लिए उपयोगी है और कम चारे में भी बेहतरीन उत्पादन देती है.

उत्तराखंड में धराली की त्रासदी ने लोगों को एक बार फिर से ये याद दिलाया है कि प्रकृति के प्रकोप से बचने के लिए सतर्क और तैयार रहना होगा. यहां सैटेलाइट पिक्‍चर्स और ड्रोन से लिए वीडियो में बर्बाद हुए इलाके का मंजर देखा जा सकता है.

Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड में एक और बड़ी प्राकृतिक आपदा ने कोहराम मचा दिया है. उत्‍तरकाशी में बादल फटने की वजह से खीर गंगा में अचानक तेज़ बाढ़ आ गई, जिसने धराली गांव को अपनी चपेट में ले लिया.

Uttarakhand Disaster: उत्‍तरकाशी में बादल फटने से कई इलाकों में भारी तबाही हुई है. इस घटना में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. भारी बारिश के कारण घर-मकान बाढ़ की चपेट में आ गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है.

उत्तरकाशी के बड़कोट में शनिवार रात बादल फटने की घटना में 17 मजदूर सैलाब में बह गए. कई अभी भी लापता हैं। क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है.

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि आग में दस रिहायशी मकान पूरी तरह से जलकर क्षतिग्रस्त हो गए जबकि चार अन्य आंशिक रूप से जल गए हैं.

Lakhimpur Kheri: मंजित भी उत्तराखंड टनल हादसे में 17 दिनों तक फंसे रहे थे. अब वह सकुशल अपने घर पहुंच चुके हैं. इस मौके पर उनका जोरदार स्वागत किया गया. इसका वीडियो भी सामने आया है.

Uttarkashi Silkyara Tunnel Collapse: भारतीय सेना की ओर से चिन्यालीसौड हवाई अड्डे पर चिनूक हेलिकॉप्टर तैनात किया गया है. यदि किसी मजदूर की तबीयत बिगड़ी, तो उसको हेलिकॉप्टर से तुरंत ऋषिकेश AIIMS भेज दिया जाएगा.

Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा सुरंग के धंसने से अंदर काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए थे. ये हादसा 12 नवंबर को हुआ था.